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संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को 74 साल के हो गये, जिससे उनकी दशकों की सार्वजनिक सेवा में एक और शानदार साल जुड़ जाएगा।
पीएम मोदी का जन्मदिन किसी भी अन्य कार्य दिवस की तरह ही है, लेकिन यह ‘सेवा पर्व’ मनाने का अवसर भी है, जो एक पखवाड़ा उत्सव है, जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हर साल नागरिक कल्याण और मानवता को ध्यान में रखकर निस्वार्थ सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित करती है।
नरेन्द्र मोदी भारत गणराज्य के 16वें और वर्तमान प्रधानमंत्री हैं. साल 2014, 2019 और 2024 में भाजपा की जीत हुई थी और नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे. नरेन्द्र मोदी के पास भारत के प्रधानमंत्री पद से पहले गुजरात के मुख्यमंत्री का पद था. नरेन्द्र मोदी युवा अवस्था में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक भी रह चुके है.
नरेंद्र दामोदर दास मोदी ने लगातार तीन कार्यकाल (2001-14) तक राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और अब वह रिकॉर्ड तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री हैं।
नरेन्द्र मोदी का जन्म और परिवार
भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जन्म गुजरात के वडनगर में 17 सितम्बर 1950 में हुआ था. नरेन्द्र मोदी अपने माता-पिता के तीसरे पुत्र है. नरेन्द्र मोदी के पिता का नाम दामोदर दास मोदी और माता का नाम हीराबेन मोदी था. मोदी के 3 भाई है. सोमभाई मोदी, प्रहलाद मोदी और पंकज मोदी. मोदी जी की एक बहन भी है, उनकी बहन का नाम वासंती बेन मोदी है.
नरेन्द्र मोदी की शिक्षा
नरेन्द्र मोदी की प्रारंभिक शिक्षा वडनगर में ही हुई थी. मोदी जी के शिक्षकों के अनुसार मोदी जी सामान्य छात्र ही थे. लेकिन उनकी वाद विवाद में रुचि ज्यादा थी. वे अपनी कक्षा के सबसे बढ़िया वक्ता थे. 1967 में मोदी ने अपनी स्कूल की शिक्षा पूरी की. मोदी जी ने उसी समय के दौरान अपने बड़े भाई सोमभाई मोदी के साथ चाय बेचना शुरू किया. कुछ समय बाद मोदी जी ने घर छोड़ दिया था. घर छोड़ने के बाद मोदी जी उत्तर भारत के कई राज्यों में घूमने और हिन्दू संस्कृति की जान-पहचान करने गए. 4 सालों तक भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में भ्रमण करने के बाद मोदी जी 1971 में वापस गुजरात लौटे. गुजरात आने के बाद मोदी जी ने अहमदाबाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक भी बने. सन् 1978 में मोदी जी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान में ग्रेजुएशन किया. सन् 1983 में मोदी ने गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में ही मास्टर की डिग्री भी प्राप्त की.
हर साल पीएम के जन्मदिन पर कुछ खास
2014 में नरेंद्र मोदी के देश का सर्वोच्च कार्यकारी पद संभालने के बाद से उनके जन्मदिन पर सेवा संबंधी क्रियाकलापों का आयोजन होता रहा है. जिन्हें विभिन्न मंत्रालय और राज्य सरकारें विशेष रूप से बीजेपी द्वारा संचालित किया गया है.
साल 2023 – पिछले साल पीएम मोदी ने अपना जन्मदिन देश के किसानों, शिल्पकारों और कारीगरों के लिए एक गेमचेंजर योजना की घोषणा करके मनाया था। पीएम मोदी ने 17 सितंबर 2023 को ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ शुरू की, इसका लक्ष्य कारीगरों को कौशल प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है। पीएम मोदी ने दो प्रमुख परियोजनाओं – इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (आईआईसीसी) और दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का विस्तार भी शुरू किया था।
साल 2022 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 1 लाख से अधिक लोगों ने रक्तदान कर विश्व रिकॉर्ड बनाया.
साल 2021 – कोरोना महामारी से निपटने के लिए 2.5 करोड़ से अधिक कोविड वैक्सीन खुराक दी गई, जो एक रिकॉर्ड है.
साल 2020 – देश भर में COVID-19 की चिंताओं के बीच बीजेपी ने लोगों की मदद के लिए ‘सेवा’ (कल्याण) कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित किया.
साल 2019 – प्रधानमंत्री ने गुजरात में दिन बिताया. उन्होंने पहली बार 138.68 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचने वाले नर्मदा नदी बांध के ऐतिहासिक स्थल को देखने के लिए सरदार सरोवर बांध का दौरा किया.
साल 2018 – उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी का दौरा किया. उन्होंने एक स्कूल का दौरा किया और छात्रों से बातचीत की. उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर का भी दौरा किया.
साल 2017 – प्रधानमंत्री ने गुजरात में सरदार सरोवर बांध का उद्घाटन किया. उन्होंने वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह के परिवार से भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए मुलाकात की.
साल 2016 – उन्होंने एक समारोह में भाग लेने के लिए अपने गृह राज्य में नवसारी का दौरा किया, जहां विकलांग व्यक्तियों को सहायता वितरित की गई थी. उन्होंने लिमकेड़ा में आदिवासियों के साथ भी समय बिताया और बाद में दाहोद जिले के सूखे क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन किया.
साल 2015 – प्रधानमंत्री ने 1965 के भारत-पाक युद्ध की स्वर्ण जयंती को चिह्नित करने के लिए एक सैन्य प्रदर्शनी शौर्यंजलि का दौरा किया था. प्रधानमंत्री अक्सर अपने जन्मदिन पर अपनी मां हीराबेन का आशीर्वाद लेने के लिए गुजरात जाते है