यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
उप संपादक संजय मिश्रा
कोंच जालौन मलंगा नाले में आई बाढ़ से किसान और गरीब आर्थिक रूप से कंगाल कर गये बाढ़ से 190 हेक्टेयर भूमि में लगी किसानों की तिल ज्वार और बाजरा की फसले जलमग्न होकर नष्ट हो गई और 200 गरीबो ने अपने मकान ढह जाने की शिकायतें दर्ज कराई है बाढ़ का पानी अभी भी किसानों के खेतो और बाढ़ ग्रस्त मोहल्लो में भरा हुआ है जिससे संक्रामक बीमारियों फैलने का खतरा मंडराने लगा है।
बीते दिनों मलंगा नाले और पहुज नदी में आई बाढ़ ने ग्राम सलैया सहित आधा दर्जन गाँव के किसानों के खेतों में और गलियों को जलमग्न कर दिया था जो एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जलमग्न ही है हालांकि पानी का स्तर 1 से 1.50 फुट तक कम हुआ है इस पानी ने किसानों की साल भर की उम्मीदों को रौंद कर रख दिया प्रशासन द्वारा सर्वे का कार्य जारी है अवतक 190 हेक्टेयर में बोई गई तिल ज्वार बाजरा की फसल नष्ट हो जाने की बात प्रशासन द्वारा कही गई है यह आंकड़ा और बड़ने की उम्मीद है क्योंकि सर्वे का कार्य पानी भरे होने के कारण कई जगहों पर बाधित है बाढ़ के पानी से गरीबो के आसियाना भी ध्वस्त हुई है।
नगर में चार मोहल्ले आराजी लेन मालवीय नगर गांधी नगर सहित पहुच नदी किनारे बसे गाँव मे भी प्रशासन द्वारा सर्वे का कार्य कराया जा रहा है 200 मकानों के गिर जाने की बात अभी तक सामने आई है सोमवार को भी बाढ़ से प्रभावित गरीबो को एसडीएम ज्योति सिंह ने लंच पैकेट वितरित कर उनका हालचाल जाना जो बीमार थे उन्हें उपचार मुहैया करवाया उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित परिवारो को राहत पहचाने का कार्य दिन रात जारी है जिन किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है उन्हें मुआवजा दिया जा रहा है सर्वे के लिए संबंधित लेखपाल कार्य कर रहे है इस दौरान ईओ पवन किशोर मौर्य सभासद महेंद्र कुशवाहा लेखपाल आदि मौजूद रहे है।