प्राइवेट अस्पताल में हुई थी नशबंदी,एसीएमओ ने की जांच, साथ ही किया सीएचसी का निरीक्षण

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर
उप संपादक संजय मिश्रा

कोंच जालौन नसबंदी के बाद गर्भवती हुई महिला की शिकायत पर जांच करने पहुँचे एसीएमओ ने जहाँ मुआवजा के 60 हजार रुपये महिला को दिलाने की बात कही वही चिकित्सक के बयान भी दर्ज किए।
वर्ष 2021 में ग्राम छिरिया खुर्द की नस बंदी नगर के एक निजी अस्पताल पर हुई थी लेकिन गतवर्ष वह गर्भवती हुई और उसे संतान भी पैदा हुई नस बंदी के बाद संतान हो जाने से परेशान महिला ने अपनी शिकायत बीती सात दिसम्बर को तहसील समाधान दिवस में उच्चाधिकारियों से की थी जिसके बाद मंगलबार को एसीएमओ आनन्द प्रकाश कोंच पहुँचे और निजी चिकित्सक डॉ० आर बी जैन जिन्हें सरकार की ओर से नस बंदी किये जाने के लिए अधिकृत किया गया है उनसे निजी अस्पताल पर गये और उनसे नस बंदी फेल होने का कारण जाना एसीएमओ ने बताया कि नश बंदी फैल होने पर महिला को 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दंड स्वरूप सरकार द्वारा दी जाएगी उन्होंने बताया कि नस बंदी के बाद एक प्रतिशत चांस गर्भधारण के रहते है एसीएमओ ने जांच के उपरांत सीएचसी का निरीक्षण किया उन्होंने महिला चिकित्सा कक्ष के महिला चिकित्सक से बात तथा हेल्थ एटीएम देखा फार्मासिस्ट कक्ष लेवर रुम आदि देखा इस दौरान चिकित्सधीक्षक डॉ० राम करन गौर अनिल शाक्य अरबिन्द सिंह डॉ० रीता गौतम डॉ० राजीव शर्मा सबिता पटेल सत्येंद्र नारायण पवन गुप्ता विजय कुमार आदि मौजूद रहे है

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