ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
दमोह: दमोह स्थित मिशन अस्पताल में लंदन के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.एनजोन केम के नाम पर फर्जीवाड़ा के मामले में पुलिस एक्शन शुरू. बता दें कि लंदन के मशहूर डॉक्टर के नाम पर एक व्यक्ति ने मिशन अस्पताल में कॉर्डियोलॉजिस्ट के रूप में नौकरी प्राप्त की. इसके बाद कथित रूप से इस फर्जी डॉक्टर ने ढाई माह में 15 लोगों के हार्ट के ऑपरेशन किए. बताया जाता है इनमें से कुछ लोग मौत के मुंह में समा गए. मामले का खुलासा होते ही हड़कंप मच गया. अब ये बात भी सामने आ रही है कि इसी फर्जी डॉक्टर ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भी हॉर्ट के ऑपरेशन किए थे. आरोप है कि इसी फर्जी डॉक्टर के ऑपरेशन करने पर छत्तीसगढ विधानसभा के पूर्व स्पीकर पंडित राजेन्द्र की जान चली गई थी.
क्या लिखा है एफआईआर में
इस मामले में दमोह सीएसपी अभिषेक तिवारी ने बताया “पुलिस ने रविवार आधी रात को मामला दर्ज कर लिया. कोतवाली थाना में CMHO डॉ. मुकेश जैन की जांच रिपोर्ट के आधार पर नरेंद्र जॉन केम के विरुद्ध बीएनएस 2023 की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) और मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक अधिनियम 24 के तहत मामला दर्ज किया गया है.” बता दें कि एफआईआर में मिशन अस्पताल में कार्यरत डॉ. नरेंद्र जान केम की डिग्रियां संदिग्ध पायी गई हैं. जांच टीम ने डिग्रियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. वहीं मिशन अस्पताल प्रबंधन से मिले दस्तावेजों की जांच में में भी इस फर्जी डॉक्टर की डिग्रियों में ना किसी यूनिवर्सटी और ना ही मेडिकल काउंसिल के पंजीयन का क्रमांक मिला है. जबकि सभी डिग्रियों में इसे अनिवार्य रूप से होना चाहिए.
जांच टीम को रजिस्ट्रेशन प्रथम दृष्ट्या संदेहास्पद लगा
जांच टीम ने डॉ. केम का रजिस्ट्रेशन प्रथम दृष्ट्या संदेहास्पद माना है. इसके अलावा जांच दल को डॉक्टर के पास मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल में पंजीयन का कोई प्रमाण नहीं मिला. जबकि नियम कहता है कि मध्य प्रदेश में किसी भी चिकित्सक को अपनी सेवाएं देने के लिए राज्य मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत कराना जरूरी है. इस संबंध में मिशन अस्पताल ने कोई भी दस्तावेज जांच दल को पेश नहीं किया है. इस मामले में जांच दल ने कलेक्टर को सौंपी अपनी जांच रिपोर्ट में डॉ. की डिग्रियों की वैधता को लेकर संबंधित यूनिवर्सटी में भी जांच कराने की सिफारिश की है.
जांच दल की रिपोर्ट से उजागर हुईं गंभीर अनियमितताएं
माना जा रहा है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद डॉ. नरेंद्र जान केम की डिग्रियों और रजिस्ट्रेशन की गहन जांच के आदेश जारी किए जा सकते हैं. इस मामले के उजागर होते ही छत्तीसगढ विधानसभा के पूर्व स्पीकर पंडित राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल के बेटे ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने खुलासा किया है “2006 में इसी फर्जी डॉक्टर विक्रमादित्य यादव ने काम किया है. इस दौरान पंडित राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल की हार्ट सर्जरी इसी कथित डॉक्टर ने की थी. आपरेशन के बाद बाबूजी को 20 दिन आईसीयू में रखा गया था. प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट करते ही उनकी जान चली गयी.”