रिपोर्टिंग शांति यूपी लाइव न्यूज 24 प्रदेश जनहित खबर पोर्टल लखनऊ
सह संपादक कपिल गुप्ता
रायबरेली,
मनरेगा योजना के अंतर्गत जनपद रायबरेली के सरेनी विकासखंड की ग्राम पंचायत हाजिर में एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। समाज तक को प्राप्त सूत्रों के अनुसार, 7 अप्रैल 2025 को हुई लाइव हाजिरी में कुल 33 मजदूरों को कार्यस्थल पर प्रजेंट दिखाया गया, जबकि कई मजदूर उस दिन मौके पर मौजूद ही नहीं थे।
मजेदार बात यह है कि लाइव हाजिरी सिस्टम, जिसे पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर रोक के लिए लागू किया गया था, उसी में फर्जीवाड़ा किया गया। दर्ज तस्वीरों में एक ही व्यक्ति को बार-बार अलग-अलग नामों के तहत खड़ा दिखाया गया है। इससे भी बड़ा सवाल यह उठता है कि जिन नामों की हाजिरी दर्ज की गई उनमें कई महिलाएं हैं, लेकिन तस्वीरों में केवल पुरुष दिखाई दे रहे हैं।
इन मजदूरों के नाम पर दर्ज हुई हाजिरी:
धर्मराज, चंद्रिका देवी, मुकेश कुमार, फूलमती, सायरा बानो, मनोज कुमार, रीता देवी, ननकू, सावित्री, राजाराम, ललित सिंह, परमीना, इसाक, रहमतुन, राम प्रकाश सिंह, श्याम बाबू, सलमान खान, अशोक कुमार, रोशनी, बिताना देवी, किरण देवी, प्यारेलाल, रमेश, प्रेमशंकर, निर्मला, गोवर्धन, हीरालाल, राम अवतार, गुड़िया, सुनील कुमार आदि।
स्थानीय ग्रामवासियों का कहना है कि इन मजदूरों में से अधिकांश उस दिन कार्य स्थल पर मौजूद नहीं थे। फिर भी हाजिरी फोटो अपलोड कर दी गई। लाइव हाजिरी में बार-बार एक ही व्यक्ति को अलग-अलग फोटो में खड़ा किया गया है, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
गांववालों ने पंचायत सचिव और संबंधित विकासखंड अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह घोटाला बिना अधिकारियों की जानकारी और सहयोग के संभव नहीं हो सकता। अब सवाल उठता है कि क्या डीसी मनरेगा इस पूरे खेल से अनजान हैं या वे भी इसकी जानकारी में हैं?
स्थानीय लोगों की मांग
ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और कहा है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे। लोगों का कहना है कि गरीबों का हक़ इस तरह मारा जाना अस्वीकार्य है।
समाज तक की पड़ताल जारी
समाज तक इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से उठा रहा है और हर पहलू पर नज़र रखे हुए है। हमारी कोशिश है कि इस भ्रष्टाचार का सच उजागर हो और मजदूरों को उनका हक मिले।