दुनिया के टॉप पचास धनवान शहरों में अमेरिका का दबदबा, दिल्ली-मुंबई को भी मिली जगह

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

राष्ट्रीय मुख्य संपादक

नईदिल्ली दुनिया के सबसे धनी शहरों की ताजा रिपोर्ट में अमेरिका का दबदबा जारी है. अमेरिका का न्यूयॉर्क लिस्ट में पहले स्थान पर है, जिसमें 384,500 हाई नेटवर्थ वाले व्यक्ति हैं. रिपोर्ट के मुताबिक यहां के 818 निवासी सेंटी-मिलियनेयर हैं. यानी इनकी कुल संपत्ति 100 मिलियन अमरीकी डालर या उससे अधिक संपत्ति है. इसके अलावा शहर में 66 अरबपति रहते हैं.
इंटरनेशनल वेल्थ एंड इंवेस्टमेंट माइग्रेशन एक्सपर्ट हेनले एंड पार्टनर्स द्वारा ग्लोबल डेटा इंटेलिजेंस फर्म न्यू वर्ल्ड वेल्थ के सहयोग से पब्लिश रिपोर्ट के चौथे एडिशन बे एरिया, जिसमें सैन फ्रांसिस्को और सिलिकॉन वैली शहर शामिल हैं.यहां 342,400 निवासी करोड़पति हैं. ये लिस्ट में दूसरे स्थान पर है.
टॉप 50 शहरों में से केवल शेन्जेन (28वें स्थान पर, 142 प्रतिशत करोड़पति वृद्धि के साथ और अब 50,800 करोड़पतियों का घर है. हांग्जो लिस्ट में 35वें स्थान पर है. यहां करोड़पति लोगों की संख्मा में 108 फीसदी वृद्धि है. दुबई लिस्ट में 18वें स्थान पर है. दुबई में अब 81,200 निवासी करोड़पति हैं, जिनमें 237 सेंटिस और 20 अरबपति शामिल है.
पिछले दो साल में निक्केई 225 में मजबूत सुधार के कारण, टोक्यो 292,300 करोड़पतियों के साथ तीसरे स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए है, जबकि सिंगापुर 242,400 करोड़पतियों के साथ चौथे स्थान पर है.
भारत में कितने धनवान?
धनवान शहरों की रिपोर्ट 2025 के अनुसार मुंबई और दिल्ली वैश्विक स्तर पर शीर्ष 50 धनवान शहरों में शामिल हैं. मुंबई 51,200 करोड़पति, 205 सेंटिस और 25 अरबपतियों के साथ 27वें स्थान पर है, जबकि दिल्ली 31,200 करोड़पति, 125 सेंटिस और 16 अरबपतियों के साथ 39वें स्थान पर है. पिछले दशक (2014 से 2024) में मुंबई की करोड़पतियों की आबादी में 69 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि दिल्ली की आबादी में 82 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

लंदन और मॉस्को घाटे में
लंदन और मॉस्को सबसे ज्यादा घाटे में हैं. लॉस एंजिल्स ने (220,600 करोड़पति, जिनमें 516 सेंटिस और 45 अरबपति शामिल हैं. अब लंदन को पछाड़कर 5वां स्थान प्राप्त कर लिया है, जिससे ब्रिटेन की राजधानी टॉप 5 से बाहर होकर 215,700 करोड़पतियों (352 सेंटिस-करोड़पति और 33 अरबपति) के साथ 6वें स्थान पर आ गई है. वहीं, मॉस्को 30,000 करोड़पतियों के साथ 40वें स्थान पर आ गया है, जिसमें 178 सेंटिस और 23 अरबपति शामिल हैं टॉप 50 में केवल दो शहर हैं.
पेरिस 160,100 करोड़पति लोगों के साथ 7वें स्थान पर बना हुआ है, जबकि हांगकांग 154,900 करोड़पति पति के साथ अब 8वें स्थान पर है. सिडनी 152,900 करोड़पति के साथ 9वें स्थान पर आ गया है. शिकागो 127,100 धनवानों के साथ 10वें और बीजिंग 12वें स्थान पर आ गया है. शंघाई 11वें से गिरकर 14वें नंबर पर पहुंच गया है. यहां 110,500 करोड़पति हैं.
मिलान 115,000 करोड़पतियों के साथ 11वें स्थान पर, वैंकूवर (46,400 के साथ 29वें स्थान पर), मियामी 38,800 के साथ 32वें स्थान पर, हांग्जो 32,200 के साथ 35वें स्थान पर, ताइपे सिटी 31,400 के साथ 38वें स्थान पर और वाशिंगटन डीसी 28,900 के साथ 41वें स्थान पर है. इस बीच, लिस्बन 22,200 करोड़पतियों के साथ 50वें स्थान पर है.
रेजिडेंट बाय इंवेस्टमेंट प्रोग्राम
हेनले एंड पार्टनर्स के सीईओ डॉ जुएर्ग स्टीफेन कहते हैं कि 2025 में एक स्पष्ट पैटर्न उभर रहा है. निवेश की स्वतंत्रता को लाइफस्टाइल के लाभांश के साथ मिलाने वाले शहर मोबाइल पूंजी के लिए प्रतिस्पर्धा जीत रहे हैं. ये शहरी केंद्र समान डीएनए साझा करते हैं . टॉप 10 सबसे धनी शहरों में से सात ऐसे देशों में हैं, जहां रेजिडेंट बाय इंवेस्टमेंट प्रोग्राम है. यह उद्यमियों और निवेशकों के लिए इन धन केंद्रों तक पहुंच के लिए सीधे रास्ते बनाते हैं.

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