राजस्थान जयपुर ब्लास्ट के चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास, दोषियों में तीन आजमगढ़ और एक भदोही निवासी

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

ब्यूरो प्रमुख दुर्गेश अवस्थी

 राजस्थान के जयपुर बम ब्लास्ट का जिक्र आते ही उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और भदोही जिले की भी चर्चा होने लगती है. 13 मई 2008 को जयपुर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद चांदपोल हनुमान मंदिर के पास जिंदा मिले बम के मामले में सजा सुनाई गई है. जयपुर बम कांड मामलों की स्पेशल कोर्ट में विशेष न्यायाधीश रमेश कुमार जोशी ने 4 आतंकियों को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. सजा के साथ ही अदालत ने अभियुक्तों पर 6.40 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है. दोषियों में मोहम्मद सरवर आजमी, सैफुरहमान, मोहम्मद सैफ और शाहबाज अहमद शामिल है. जिसमें तीन आरोपी सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी आजमगढ़ जिले का निवासी है, जबकी शाहबाज अहमद भदोही जिला का रहने वाला है.
जयपुर बम कांड मामलों की विशेष कोर्ट ने जिन दोषियों को सजा सुनाई गई है. उसमें से एक आजमगढ़ शहर के नगर कोतवाली क्षेत्र के बदरका मुहल्ले का रहने वाला सैफुर्रहमान का नाम बाटला हाउस एनकाउंटर के दौरान ही सामने आया था. एनकाउंटर के बाद उसकी लखनऊ से गिरफ्तारी हुई थी. वो भी बाटला हाउस के साथ ही जयपुर और अहमदाबाद विस्फोट में शामिल पाया गया था. उसके ऊपर कुल लगभग 44 मुकदमे दर्ज हैं. बम ब्लास्ट के दोषी सैफुर्रहमान चार भाईयो में सबसे छोटा है. सबसे बड़ा भाई हैदराबाद में सीनियर साइंटिस्ट है, उससे छोटा भाई सऊदी में स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल में सीनियर साइंटिस्ट है, तीसरे नंबर वाला भाई मुम्बई में फायर कान्ट्रेक्टर है.

सैफुर्रहमान के पिता डॉ. अब्दुल रहमान अंसारी जीव विज्ञान के प्रोफेसर हैं, वो बताते हैं कि अगर किसी की किस्मत खराब है तो क्या करें. उसे फंसाया गया है. उसे किसी गैर ने नहीं बल्कि अपनों ने फंसाया है. वो भी ईर्ष्या के चलते. उन्होंने कहा कि वो निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे.

दूसरा दोषी सरवर आजमी रौनापार थाना क्षेत्र के चांदपट्टी का रहने वाला है. उसके ऊपर डेढ़ दर्जन के करीब मुकदमे दर्ज हैं. उसका नाम राजस्थान प्रांत के जयपुर और गुजरात प्रांत के अहमदाबाद ब्लास्ट में सामने आया था. सरवर दो महीने पहले जमानत मिलने पर घर आया था. वहीं उसके पिता मोहमद हनीफ ने बताया की फैसले को लेकर कोर्ट में जाएंगे. उन्हें विश्वास है कि आगे इंसाफ जरूर मिलेगा. कोर्ट के फैसले के बाद घर पर सन्नटा पसरा हुआ है.

वहीं ब्लास्ट का तीसरा दोषी सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर निवासी सैफ बाटला हाउस एनकाउंटर के दौरान सुर्खियों में आया था. पुलिस ने उसे एनकाउंटर स्थल से ही गिरफ्तार किया था. बाद में उसका नाम जयपुर और अहमदाबाद में हुए बम धमाकों में भी आया. उसके ऊपर लगभग 50 मुकदमे दर्ज थे. वहीं सैफ के पिता शादाब उर्फ मिस्टर उस समय सपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष थे. लड़के का नाम आने पर सपा ने पार्टी से निकाल दिया. मिस्टर के करीबी मसीउद्दीन ने बताया कि फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे.

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