यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
उप संपादक संजय मिश्रा
नई दिल्ली: इंडियन रेलवे आगामी कुछ महीनों में करीब एक दर्जन नई वंदे भारत ट्रेनें शुरू करने जा रहा है. इनके रूट के बारे में अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की मंजूरी के बाद लिया जाएगा. रेलवे के इस कदम का उद्देश्य वंदे भारत ट्रेनों के नेटवर्क को बढ़ाना है.
भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए रेलवे ने भारत की पहली स्वदेशी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू की थी. यह आधुनिक, कुशल और आरामदायक रेल यात्रा के लिए भारत की आकांक्षाओं का प्रतीक बन गई है.
पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 15 फरवरी 2019 को दिल्ली-कानपुर-इलाहाबाद-वाराणसी मार्ग पर लॉन्च की गई थी. इसकी स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटे थी. रेलवे अब कुल 102 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं (51 ट्रेनें) चला रहा है, जो ब्रॉड गेज (बीजी) विद्युतीकृत नेटवर्क वाले राज्यों को जोड़ती हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, अन्य राज्यों तक अपनी पहुंच का विस्तार करते हुए रेलवे जल्द ही बिहार, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक में भी नई वंदे भारत ट्रेनें लॉन्च कर सकता है. पीएमओ से अंतिम मंजूरी के बाद इस दिशा में काम चल रहा है. अगले तीन महीनों में लगभग एक दर्जन नई वंदे भारत ट्रेनें शुरू की जा सकती हैं.
विभिन्न क्षेत्रों में रेल नेटवर्क के विस्तार से कनेक्टिविटी, पहुंच और आर्थिक विकास में सुधार होगा. नई वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत का उद्देश्य शहरों और कस्बों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और यात्रा के समय को कम करना है.
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान, वंदे भारत ट्रेनों में यात्रा करने के लिए लगभग 31.84 लाख लोगों ने बुकिंग कराई थी. इस अवधि के दौरान वंदे भारत ट्रेनों में 96.62 प्रतिशत सीटें बुक हुईं.