ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
जब पी एच डी और एम बी एड डिग्रीधारक चपरासी की नौकरी के लिए मजबूर हों, तो समझ सकते हैं बेरोजगारी के हालात कितने गंभीर हैं. इसकी ताजा बानगी देखने को मिली राजस्थान में. यहां सरकारी दफ्तरों में चपरासी बनने के लिए लाखों की तादाद में आवेदन किए गए हैं. आवेदकों में एमबीए और पीएचडी धारकों की संख्या अच्छी खासी है. बताया गया है कि 57 हजार पदों के लिए 25 लाख आवेदन आए हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर में रहकर तैयारी करने वाले कई छात्र इस मौके को बैकअप प्लान के रूप में देख रहे हैं. इनमें से कई कोचिंग और लाइब्रेरी में पढ़ने वाले छात्रों से बात की गई. पता चला कई छात्र तो प्रशासनिक सेवा समेत कई प्रतिष्ठित पदों की परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे हैं. एक छात्र ने बताया कि वह एम ए बी ए डऔर आई टी आई की पढ़ाई कर चुके हैं. वह साल 2018 से प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरते आ रहे हैं. लेकिन अभी तक नौकरी नहीं मिली. कमलकिशोर ने कहा कि अगर कुछ नहीं हुआ, तो कम से कम चपरासी तो बन ही जाएंगे.
तनुजा यादव बी एस सी और एम एस सी करने के बाद आर की तैयारी कर रही हैं. उनका कहना है, “सरकारी नौकरी तो मिलेगी. पद कोई भी हो, छोड़ना नहीं चाहिए.” एक और उम्मीदवार ने बताया कि वो एम ए और बी एड कर चुकी हैं. उन्होंने बातचीत में कहा, “सरकारी दफ्तर में पानी पिलाना पड़े तो भी कोई दिक्कत नहीं है.”