ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
लखनऊ : ग्राम सभाओं में वितरित किए जाने वाले वाद्य यंत्रों की खरीद में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. सरकारी धन के दुरुपयोग पर विशेष सचिव संस्कृति की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय टीम गठित कर इसकी जांच कराई गई. इसमें दोषी पाए जाने पर संस्कृति निदेशालय उप्र. के सहायक निदेशक डॉ. राजेश अहिरवार और वैयक्तिक सहायक कुलदीप सिंह को निलंबित कर दिया गया.
कार्रवाई की पुष्टि करते हुए शुक्रवार को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि वाद्य यंत्रों की खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई थी. इनकी गुणवत्ता का भी ध्यान नहीं रखा गया था. सहायक निदेशक डॉ. राजेश अहिरवार और वैयक्तिक सहायक कुलदीप सिंह ने अपर निदेशक संस्कृति निदेशालय के निर्देशों का अनुपालन नहीं किया.
पर्यटन मंत्री ने बताया कि वाद्य यंत्रों की खरीद के दर का निर्धारण करने का आधार न होने के कारण इन्हें ऊंचे दामों पर खरीद लिया गया. इससे शासकीय धन का दुरुपयोग हुआ. आपूर्ति की गई सामग्री का भौतिक सत्यापन भी नहीं कराया गया. वाद्य यंत्रों की गुणवत्ता भी मानक के अनुसार नहीं पाई गई.
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है. भ्रष्टाचार में लिप्त होने, वित्तीय अनियमितता, उदासीनता, लापरवाही और शासकीय धन का दुरुपयोग करने पर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल इन दोनों कर्मियों के निलंबन आदेश 24 अप्रैल 2025 को प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश मेश्राम की ओर से जारी कर दिए गए हैं. निलंबन अवधि में डॉ. राजेश अहिरवार संस्कृति निदेशालय से अटैच रहेंगे.