ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
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कलेक्टर न्यायालय द्वारा राजस्व अभिलेख में अनधिकृत प्रविष्टियों के आधार पर एक प्रकरण में संबंधितजनों को आगामी 5 मई को सुबह 11 बजे न्यायालय में नियत पेशी में उपस्थित होकर पक्ष समर्थन के लिए सूचना जारी की गई है। इस संबंध में जनसामान्य को भी सूचित किया गया है कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना के प्रतिवेदन अनुसार खसरा वर्ष 1961 में 2109/1 रकवा 231.14 एकड़ म.प्र. सरकार एवं 2109/2 रकवा 5.00 एकड़ परमा गौड़ भूमि स्वामी के रूप में खसरों में प्रविष्टियां बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के दर्ज हुई हैं। परमा के पिता का नाम भी अभिलेख में नहीं है तथा बाद के वर्षों में परमा के बजाय पदमा के नाम दर्ज होने की प्रविष्टि दर्ज होने का सक्षम अधिकारी का आदेश खसरों में उल्लेखित नहीं है। इससे उक्त प्रविष्टियां फर्जी परिलक्षित होती हैं। परमा गौड़ को प्रश्नाधीन आराजी कभी बंटन में प्राप्त हुई है तो सक्षम बंटन अधिकारी का आदेश व आवंटित भूमि का गैर आदिवासी को विक्रय करने के पूर्व म.प्र. भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(6), (7-ख) के तहत प्राप्त भूमि विक्रय का अनुमति आदेश का विवरण भी खसरा अथवा किस्त बंदी बी-1 में दर्ज नहीं है।
प्रथम दृष्टया प्रकरण में राजस्व अभिलेख में अनधिकृत प्रविष्टियों के आधार पर वर्तमान भूमि स्वामियों का नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज होने और यदि अनावेदकों द्वारा उनके पक्ष में कोई भूमि आवंटन का प्रमाण प्रस्तुत किया जाता है तो म.प्र. भू राजस्व संहिता 1959 की धारा (7-ख) का उल्लघंन पाए जाने से वादग्रस्त भूमि सर्वे नम्बर 2109/2/1 रकवा 0.573 भूमि स्वामी श्रीकांत के नाम, सर्वे नम्बर 2109/2/2 रकवा 1.200 भूमि स्वामी न्यास डीबीसी के नाम एवं सर्वे नम्बर 2109/2/3 रकवा 0.250 भूमि स्वामी आशा पति श्रीकांत दीक्षित को म.प्र. शासन शासकीय दर्ज किए जाने की कार्यवाही प्रचलित है।
उक्त प्रकरण में राजस्व अभिलेख में उल्लेखित पते पर अनावेदकों पदमा पिता शिवदीन गौड़ निवासी ग्राम पुरूषोत्तमपुर तहसील व जिला पन्ना एवं परमा निवासी ग्राम पन्ना तहसील व जिला पन्ना को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, किंतु पूर्ण पता न होने के कारण तामील वापस प्राप्त हुए हैं। इसके लिए अनावेदकों को कलेक्टर न्यायालय में निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर पक्ष समर्थन के संबंध में सूचित किया गया है।