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संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी
लखनऊ नगर निगम लखनऊ के पशु कल्याण विभाग द्वारा जुलाई माह में शहरभर में पेट डॉग लाइसेंस चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। यह निर्णय विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों और बिना लाइसेंस श्वान पालकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लिया गया है। साथ ही, पिछले वर्ष की तुलना में पंजीकृत श्वानों की संख्या में आई गिरावट भी इस कार्रवाई का प्रमुख कारण बनी है।
नगर निगम के अनुसार वर्तमान में केवल 1450 पेट डॉग लाइसेंस ही बनाए गए हैं, जबकि अनुमानित तौर पर 10,000 से अधिक लोग श्वान पालन कर रहे हैं। यह संख्या नगर निगम के रिकॉर्ड और हकीकत के बीच की बड़ी खाई को दर्शाती है, जिससे पशु कल्याण विभाग चिंतित है।
बिना लाइसेंस श्वान पालन करने वालों के विरुद्ध नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नियमों के अनुसार, बिना लाइसेंस श्वान पालने पर ₹50 प्रति दिन विलंब शुल्क देना होगा जो कि अधिकतम ₹5000 तक हो सकता है। इसके अलावा, यदि चेकिंग के दौरान बिना लाइसेंस कुत्ता पकड़ा गया तो पालक से ₹5000 तक जुर्माना वसूला जाएगा और विधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
श्वान पालकों के लिए यह जरूरी है कि वे तुरंत अपना पेट डॉग लाइसेंस बनवाएं। यह प्रक्रिया लखनऊ नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट lmc.up.nic.in पर ऑनलाइन की जा सकती है। इसके साथ ही ऑफलाइन मोड में भी लाइसेंस बनवाने की सुविधा उपलब्ध है।
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि देसी श्वानों का लाइसेंस शुल्क ₹200 प्रति वर्ष तथा विदेशी नस्ल के श्वानों के लिए ₹1000 प्रति वर्ष निर्धारित है। यह लाइसेंस वित्तीय वर्ष के अंत तक वैध रहता है, और इसका हर वर्ष नवीनीकरण कराना अनिवार्य है।
शहर के सभी श्वान पालकों से अपील की गई है कि वे नगर निगम के दिशा-निर्देशों का पालन करें और अभियान से पहले लाइसेंस बनवाएं।
लाइसेंस प्रक्रिया या किसी भी अन्य जानकारी हेतु श्री जयंत सिंह (मोबाइल नंबर: 9511156792से संपर्क किया जा सकता है।