मच्छरों का दुश्मन तो बच्चों के लिए ‘संजीवनी’ है ये पौधा, गमले में लगा दें, फिर देखें इसका कमाल

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

ब्यूरो चीफ हेमराज मौर्या

रायबरेली : बारिश का मौसम हमें गर्मी से तो राहत दिलाता है, तो वहीं इस मौसम में लोगों की सबसे बड़ी परेशानी मच्छरों से होती है. ग्रामीण अंचल हो या शहर सभी जगह मच्छरों से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. रात में जहां वह मच्छरों की वजह से सो नहीं पाते हैं. जिससे लोग मच्छरों से बचाव के लिए गुड नाइट, ऑल आउट के साथ ही मच्छर रोधी अगरबत्तियों का प्रयोग करते हैं. लेकिन इससे भी उन्हें राहत नहीं मिलती है. परंतु आज हम उनको एक ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे गमले में लगाकर आसानी से मच्छरों से छुटकारा पा सकते हैं. साथ ही यदि बच्चे इसकी पत्तियों को गलती से भी खा लेते हैं, तो उन्हें नुकसान की बजाय फायदा होगा. क्योंकि इसकी गंध ही ऐसी होती है कि मच्छर इससे दूरी बनाकर ही रखते हैं.

दरअसल हम बात कर रहे हैं. मरुआ के पौधे की, यह प्राकृतिक मॉस्किटो रेपेलेंट है. तुलसी की तरह दिखने वाला यह पौधा औषधीय गुणों से भरपूर होता है. जिसे आमतौर पर लोग किचन गार्डन में उगाते हैं. दरअसल वाराणसी के विद्वान ज्योतिशाचार्य डाक्टर विनोद कुमार सिंह बताते हैं कि मरुआ का पौधा पुदीना और तुलसी के प्रजाति का एक ऐसा पौधा है, जो बच्चों के लिए तो गुणकारी होता है. लेकिन कीट पतंग एवं मच्छरों के लिए यह दुश्मन का काम करता है. इसकी खुशबू ऐसी होती है कि मच्छरों के साथ ही अन्य कीड़े मकोड़े भी दूर-दूर तक नहीं फटकते हैं.

बच्चों के लिए है फायदेमंद

वह बताते हैं कि आपके मन में अब एक सवाल जरूर उठा रहा होगा कि जब इसकी गंध ऐसी होती है, जिससे मच्छर भाग जाते हैं. तो यह बच्चों के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है. लेकिन इसमें कई ऐसे एंटी एक्सीडेंट गुणों के साथ ही न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं.

इस तरह करते हैं उपयोग
वह बताते हैं कि आप इसे अपने किचन गार्डन या फिर गमले में उगाने के साथ ही इसकी पत्तियों की चटनी ,सलाद, सब्जी में भी डालकर सेवन कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि उचित मात्रा में ही इसका सेवन करें, नहीं तो यह आपका स्वाद का जायका भी बिगाड़ सकता है.

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