सोशल मीडिया पर तिरंगे का अपमान करने वाली पोस्ट पर राज्य सरकार तलब, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

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यूपी लाइव न्यूज 24 प्रदेश जनहित खबर उत्तर प्रदेश

विशेष संवाददाता

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर तिरंगे की तस्वीर पोस्ट कर अपमान करने के आरोपी की जमानत अर्जी पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है. यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने बुलंदशहर के अकील की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है. कोर्ट ने राज्य सरकार से आपत्तिजनक पोस्ट की रंगीन तस्वीरों के साथ जवाबी हलफनामा मांगा है.
याची पर सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट करने का आरोप है, जिसमें पाकिस्तान, तुर्की और चीन के झंडों के विपरीत भारतीय ध्वज को उलटा दिखाया गया है. बुलंदशहर के छत्तरी थाने में दर्ज मामले के अनुसार आरोपी अकील पर तिरंगे को अपमानजनक तरीके से पोस्ट करने और अप्रत्यक्ष रूप से भारत की हार को दर्शाने के आरोप में बीएनएस की धारा 152 और 197 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
वहीं इस मामले में जमानत की मांग करते हुए वकील ने दलील दी कि याची ने सोशल मीडिया पर ऐसी कोई सामग्री पोस्ट नहीं की है, जिससे तिरंगे का अनादर करने या पाकिस्तान के प्रति वरीयता प्रदर्शित करने की मंशा प्रदर्शित होती हो. अधिवक्ता ने कहा कि याची पर लगाए गए आरोपों के अपराधों में सात साल तक की सजा का प्रावधान है और इसलिए वह जमानत पर रिहा होने का हकदार है.

दूसरी ओर, याचिका का विरोध करते हुए अपर शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि याची द्वारा पाकिस्तान और अन्य देशों के झंडों के विपरीत भारतीय झंडा उलटा लगाने का कृत्य स्पष्ट रूप से राष्ट्र के प्रति अनादर प्रदर्शित करने के समान है और अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान सहित दुश्मन देशों के हाथों भारत की हार को दर्शाता है. उन्होंने याची द्वारा अपलोड की गई फेसबुक पोस्ट की रंगीन तस्वीरों के साथ जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा. कोर्ट ने मामले को 11 अगस्त से शुरू होने वाले सप्ताह में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है.

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