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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी
डॉ. राजेश्वर सिंह ने एक सौ पचास दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए कराया प्रेरणादायक फिल्म प्रदर्शन का आयोजन
लखनऊ सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में संवेदना, समावेशन और सशक्तिकरण की एक अनूठी पहल देखने को मिली। जब वृहस्पतिवार को समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (CRC), मोहान रोड, लखनऊ से जुड़े 150 दिव्यांग बच्चों एवं उनके अभिभावकों को PVR, एमराल्ड मॉल, आशियाना, लखनऊ में बहुप्रशंसित फिल्म ‘सितारे ज़मीन पर’ दिखाने का विशेष आयोजन किया गया।
यह आयोजन सिर्फ एक फिल्म प्रदर्शन नहीं, बल्कि उन मासूम आंखों में आत्मविश्वास की चमक और सपनों की उड़ान भरने का सशक्त माध्यम बना। बच्चों को CRC से थियेटर तक लाने, उनकी सुविधा, आराम, सुरक्षा एवं सम्मानजनक अनुभव का संपूर्ण प्रबंध विधायक की टीम के वालंटियर्स द्वारा अत्यंत संवेदनशीलता और समर्पण के साथ किया गया।
बच्चों के लिए इंटरमिशन में पॉपकॉर्न, कोल्डड्रिंक की व्यवस्था के साथ सरोजनीनगर में स्थापित ताराशक्ति केंद्रों पर बने इकोफ्रेंडली बैग्स में चॉकलेट, टॉफी, चिप्स और स्टेशनरी भी प्रदान की गई।
*भावनाओं को छू लेने वाला संदेश: डॉ. राजेश्वर सिंह का ट्वीट*
“इनकी आँखों में भी हैं सपने … और ये सपने कहीं अधिक उजले हैं!
प्रकृति की पूर्णता से वंचित, पर आत्मबल से परिपूर्ण, ये बच्चे न सिर्फ प्रेरणा हैं, बल्कि दिव्यता का स्वरुप हैं!”
डॉ. सिंह ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा कि ये बच्चे सहारे के नहीं, संवेदना के अधिकारी हैं। इन्हें अलग नजर से देखने की नहीं, सही दृष्टिकोण से समझने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज का आयोजन इन बच्चों को न केवल एक फिल्म दिखाने का प्रयास था, बल्कि उनके आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी को महसूस कराने का संकल्प भी था।
*फिल्म की जानकारी और उद्देश्य :*
‘सितारे ज़मीन पर’, आमिर खान और जेनेलिया देशमुख अभिनीत एक स्पोर्ट्स कॉमेडी ड्रामा फिल्म है, जो वर्ष 2007 की प्रसिद्ध फिल्म ‘तारे ज़मीन पर’ की अगली कड़ी मानी जा रही है। यह स्पेनिश फिल्म ‘चैंपियंस’ (2018) पर आधारित है, और विशेष रूप से दिव्यांगजनों की क्षमताओं, संघर्षों और आत्मबल को उजागर करती है।
इस प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन CRC लखनऊ के निदेशक हिमांशु सिंह की पहल पर किया गया। डॉ. राजेश्वर सिंह और उनकी टीम ने इस संपूर्ण प्रक्रिया को संवेदनशीलता, स्नेह और गरिमा से पूर्ण किया। आयोजन की हर छोटी-बड़ी बात का ख्याल रखा गया ताकि बच्चों को केवल फिल्म नहीं, सम्मान और अपनापन भी महसूस हो।
यह आयोजन यह सन्देश देता है कि यदि समाज सही दृष्टिकोण अपनाए, तो हर दिव्यांग बच्चा न केवल आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि देश के विकास में एक सक्रिय भागीदार भी बन सकता है।