यूपी में जानलेवा साबित हो रहा मानसून,जानिए बाढ़ का कितना और कहां पड़ा असर

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यूपी लाइव न्यूज 24 लखनऊ

संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

लखनऊ उत्तर प्रदेश में बाढ़ से सोलह ज़िले प्रभावित हैं।नेपाल से छोड़े गए पानी से नेपाल से सटे ज़िलों में नदियों का पानी बढ़ने से बाढ़ से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बाढ़ के हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी ज़िलों के अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों को बिना ढिलाई करने का निर्देश दिया है।बाढ़ से कुल 16 ज़िलों में ग्रामीण इलाकों में पानी आने से लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है।

कहां-कहां है बाढ़ का असर

उत्तर प्रदेश में कुल 16 ज़िलों की 41 तहसीलों के 923 गांवों में बाढ़ का पानी घुसा है। इन 16 जिलों में पीलीभीत,
लखीमपुर खीरी,श्रावस्ती,बलरामपुर,कुशीनगर,बस्ती, शाहजहांपुर,बाराबंकी,सीतापुर,गोंडा,सिद्धार्थनगर,गोरखपुर, मुरादाबाद,बरेली,आज़मगढ़ और बलिया के कुछ गांवों में नदियों का पानी बढ़ने से बाढ़ आई है। इन 16 जिलों में 36 गांवों में नदियों की कटान का भी असर हुआ है।बाढ़ से अब तक कुल 18 लाख की आबादी पर असर हुआ है और 14 लोगों की मौत हुई है

योगी सरकार की तरफ से सभी 16 बाढ़ प्रभावित ज़िलों में प्रशासन को राहत पहुंचाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।प्रशासन की तरफ से बाढ़ प्रभावित 923 गांवों में अब तक ढाई लाख लंच पैकेट्स, 11 हज़ार खाद्यान्न पैकेट्स और 109 जगहों पर लंगर की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने कुल 764 नाव बाढ़ प्रभावित गांवों में लगाई है।साथ ही 756 जगहों पर लोगों के रहने के लिए शरण स्थली स्थापित की है। अब तक कुल 11 हज़ार से ज़्यादा लोगों को शरणालय तक पहुंचाया गया है,जिसमें वर्तमान में डेढ़ हज़ार से अधिक लोग वहीं रह रहे हैं।योगी सरकार की तरफ़ से 642 मेडिकल टीमों को बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में तैनात किया गया है लखनऊ में राहत आयुक्त जीएस नवीन कुमार लगातार राहत कार्यों पर काम कर रहे हैं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को निर्देश देने के अलावा तीन बाढ़ प्रभावित ज़िलों का दौरा किया है।साथ ही कुछ ज़िलों का हवाई सर्वेक्षण भी किया है।सीएम ने बुधवार को लखीमपुर खीरी,गुरुवार को बलरामपुर और श्रावस्ती का दौरा किया।तीनों ज़िलों में सीएम ने पहले हवाई सर्वेक्षण किया फिर ख़ुद गांवों में जाकर लोगों को राहत सामग्री पहुंचाई। सीएम ने प्रशासन से खाने पीने की व्यवस्था के अलावा मेडिकल सुविधा,रहने की व्यवस्था,पशुओं के चारे,भूसे समेत अन्य सुविधाएं समय से पहुंचाने को कहा है।राहत आयुक्त कार्यालय के साथ-साथ बाढ़ पर मंत्रालय और सीएम कार्यालय लगातार नज़र बनाए हुए है

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