यूपी लाइव न्यूज 24 लखनऊ रायबरेली
कोंच जालौन युगांडा से अंतर्राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतकर अपने गांव लौटी स्वाति का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया स्वाति के इस प्रदर्शन से परिवार बाले तो खुश है ही साथ ही आस पास के गांव बाले भी उसका मनोबल बढ़ाने उसके घर पहुच रहे हैं।
विकास खण्ड के एक छोटे से गांव अमीटा से निकलकर युगांडा तक का सफर तय करने बाली स्वाति दिव्यांग है उसने एक हाथ से ही युगांडा में कई खिलाड़ियों को पराजित कर दिया अनुसूचित जाति के गरीब परिवार में जन्मी स्वाति के पिता किसान है उनका माँ गृहणी है स्वाति की बैडमिंटन में रुचि देखने के बाद भी परिवार बालों के पास इतना पैसा नही था कि वह उसे खेल किट दिला सकें लेकिन कुछ कर गुजरने का जज्बा दिल में लिये हार नही मानी और मदद के लिए डीएम राजेश पांडे से मिली जिन्होंने उन्हें खेल किट उपलब्ध कराई और गांव बालों की आर्थिक मदद से वह युगांडा पहुची जहाँ अंर्तराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन चैम्पियनशिप में उसने कांस्य पदक जीत कर इतिहास रच दिया स्वाति का कहना है कि इंसान जो ठान ले उसे वह पूरा कर सकता है शनिवार को अमीटा के ग्राम प्रधान कमलेश कुशवाहा ग्राम सतोह के प्रधान हरिशंकर पटेल समेत कई लोग स्वाति के घर पहुँचे और उसका फूल मालाओं और ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया एक विजय जुलूस पूरे गांव में घुमाया गया