यूपी लाइव न्यूज 24 लखनऊ रायबरेली
संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ रायबरेली
नई दिल्ली: एक बहुत पुरानी कहावत है. ‘बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय’. अमेरिका के ऊपर यह सटीक बैठती है. डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की वजह अमेरिका का गन कल्चर ही है. अमेरिका में गन कल्चर सिर चढ़कर बोल रहा है. अमेरिका में हर दूसरे हाथ में बंदूक दिखता है. बीते कुछ सालों से अमेरिका ने जिस तरह गन कल्चर को बढ़ावा दिया, आज उसका अंजाम दिख रहा है. जी हां, सुपर पावर अमेरिका गन कल्चर का परिणाम भुगत रहा है. तभी तो पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप पर गोली चल गई. गन कल्चर अमेरिका के लिए भष्मासुर साबित हो रहा है. वह तो किस्मत अच्छी थी कि डोनाल्ड ट्रंप के कान को छूती हुई गोली निकल गई. वरना अमेरिका में भयंकर उथल-पुथल मच गई होती. सच कहें तो गन्स यानी बंदूकें अमेरिकी समाज में बहुत हावी हैं.
सबसे पहले जानते हैं कि आखिर डोनाल्ड ट्रंप के साथ क्या हुआ. अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर शनिवार (स्थानीय समायनुसार) को जानलेवा हमला हुआ. डोनाल्ड ट्रंप जब भाषण दे रहे थे, तभी उन पर गोलियां चलाई गईं. किस्मत अच्छी थी कि गोली ट्रंप के कान को छूती हुई निकल गई. हमलावर डोनाल्ड ट्रंप से करीब 120 मीटर की दूरी पर एक इमारत पर था. ट्रंप की सुरक्षा में तैनात स्नाइपर्स ने मौके पर ही उसे गोली मारकर ढेर कर दिया. हमलावर की उम्र 20 साल थी. उसके पास से एआर-15 सेमी ऑटोमेटिक राइफल मिली. इस घटना के बाद से अमेरिका की सियासत में तूफान मच गया है. अमेरिका में एक बार फिर गन कल्चर सवालों के घेर में है. गन कल्चर को लेकर तरह-तरह की चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं.
अमेरिका में हर हाथ में गन
अब कुछ डेटा पर बात करते हैं कि कैसे अमेरिका में गन कल्चर हावी है. अमेरिका में फायरिंग की घटनाएं आम हैं. स्कूल से लेकर सुपर मार्केट तक में गोलीबारी की घटनाएं होती रहती हैं. अमेरिका में गन कल्चर कितना हावी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाइए कि 2011 के डेटा के मुताबिक, 100 लोगों में से 88 के पास गन है. अभी यह आंकड़ा और अधिक होगा. मतलब हर हाथ में बंदूक. अमेरिका में मोबाइल स्टोर की तरह जगह-जगह गन की दुकानें हैं. अमेरिका में गन रखना दुनिया में किसी भी देश के मुकाबले बहुत आसान है. भारत में भले ही आपको गन खरीदने या रखने के लिए पापड़ बेलने पड़ते हों, मगर अमेरिका में गन को लेकर कानून बहुत आसान है. अगर आपकी उम्र 18 साल है तो आप आसानी से अपने पास गन रख सकते हैं.
गन कल्चर और सियासत
अमेरिका में गन कल्चर एक सियासी मुद्दा है. गन कल्चर वहां इतना पॉपुलर है कि सरकारें भी गन कल्चर पर बंदिशें लगाने से सियासी तौर पर कतराती हैं. खुद डोनाल्ड ट्रंप भी गन कल्चर की तरफदारी करते रहे हैं. जो बाइडन ने जब गन कल्चर के खिलाफ साल 2022 में गन कंट्रोल कानून बनाया था, तब ट्रंप ने इसका विरोध किया था. डोनाल्ड ट्रंप ने यहां तक कह दिया था कि अगर वह सत्ता में आते हैं तो कानून को पलट देंगे. अमेरिकी संविधान का सेकेंड संशोधन हथियार रखने के अधिकार की गारंटी देता है. 18 साल होने पर अमेरिका में गन खरीदने का कानूनी अधिकार है. हर-दूसरे तीसरे अमेरिकी वयस्कों के पास व्यक्तिगत रूप से एक बंदूक है. अमेरिका में इस गन कल्चर की वजह से आत्महत्या और गोलीबारी की घटनाएं खूब होती हैं.
कैसे भष्मासुर साबित हो रहा गन कल्चर
एक अनुमान है कि अमेरिका में हर साल करीब 1,14,994 लोग गन कल्चर का शिकार होते हैं. इनमें हत्या, अटैक, दुर्घटना, पुलिस कार्रवाई, आत्महत्या के प्रयास और आत्महत्या के मामले शामिल हैं. केवल 2021 में करीब 49 हजार लोगों की जान गन से संबंधित घटनाओं में चली गई. मौजूदा वक्त में अमेरिका में हर किसी के पास बंदूक है. अमेरिका की आबादी करीब 33-34 करोड़ से अधिक है. गन की संख्या उससे भी अधिक. अमेरिका में बीते कुछ सालों से पब्लिक प्लेस पर गोलीबारी की घटनाएं बढ़ी हैं. गन कल्चर पर कंट्रोल को लेकर अमेरिका में 2022 में कानून बना. मगर ये सब नाकाफी हैं. अमेरिका में कानून बनने के बाद भी गन कल्चर सिर चढ़कर बोल रहा है. नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले गन्स की बिक्री में अप्रत्याशित इजाफा देखा गया है. अब सवाल है कि आखिर अमेरिका आंख मूंदकर कब तक अपनी बर्बादी देखता रहेगा. गन कल्चर से आखिर किसका भला हो रहा है. क्या बगैर गन के अमेरिका में किसी का रहना संभव नहीं है? याद रहे अमेरिका में गन कल्चर को लेकर जो भी कुछ हो रहा है, वह आत्मरक्षा के नाम पर.