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संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ रायबरेली
वाशिंगटन. चीन हर चीज की नकल करने के लिए जाना जाता है, लेकिन अब ऐसी खबर सामने आई है जिसने अमेरिका की नींद उड़ा दी है. अमेरिकी कांग्रेस की एक समिति ने दावा किया है कि यूक्रेन को रूस से लड़ने के लिए जो मिसाइलें-वेपन दिए जा रहे हैं, उन्हें रूस चीन तक पहुंचा रहा है, ताकि वो इसकी नकल कर सके. समिति ने राष्ट्रपति जो बाइडन से इस बारे में खुलासा करने को कहा है. बताने को कहा है कि क्या रूस यूक्रेन में युद्ध के मैदान में इस्तेमाल किए गए अमेरिकी हथियारों के बारे में चीन के साथ जानकारी साझा कर रहा है.
चीन पर बनी इस कमेटी ने अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन को इस बारे में पत्र लिखा है. चेतावनी दी है कि अगर ये हथियार चीन के हाथ पड़ गए, तो काफी खतरनाक होगा. इससे उनकी युद्धक क्षमता में कमी आएगी. अमेरिका ने यूक्रेन को कई तरह के टैंक और मिसाइलें दी हैं, जिनसे यूक्रेन अपनी रक्षा करता है. समिति के अध्यक्ष जॉन मूलेनार ने पत्र में लिखा, हमें इसके बारे में गंभीरता से बात करनी होगी. अगर हमारे हथियारों की जानकारी चीन तक पहुंच गई, तो यह हमारे लिए खतरे से कम नहीं.
चीन से सबक सीखना होगा
सांसदों ने अपने पत्र में मीडिया और थिंक टैंक की रिपोर्ट्स का हवाला दिया है. समिति ने सुलिवान से यूक्रेन में तैनात अमेरिकी हथियारों को कम करने का भी आग्रह किया है. कमेटी का कहना है कि हमें चीन से सबक सीखना होगा. हम जानते हैं कि वह हमें हराने के लिए किस हद तक जा सकता है. रूस भी इसी काम में लगा हुआ है. हमें उन्हें सैन्य प्रयासों को विफल करने का उपाय तलाशना ही होगा.
हथियार पर हथियार दे रहा अमेरिका
व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने अभी इसके बारे में को टिप्पणी नहीं की. बता दें कि अमेरिका यूक्रेन का सबसे बड़ा मददगार है. 2022 में जब रूस ने हमला किया तब से अमेरिका यूक्रेन को 50 अरब डॉलर से ज्यादा की सैन्य मदद मुहैया करा चुका है. बीते गुरुवार को ही अमेरिका ने यूक्रेन के लिए 225 मिलियन डॉलर के नए सुरक्षा पैकेज की घोषणा की है. इसमें पैट्रियट मिसाइल बैटरी, हाई एफिशिएंसी वाले तोपखाने, रॉकेट सिस्टम, मिसाइलें और गोला बारूद शामिल हैं.