नगर निगम मुख्यालय में समीक्षा बैठक, जल निगम और सीवर कार्यों पर सख्त निर्देश

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

– महापौर की अध्यक्षता में पार्षदों व अधिकारियों के साथ हुई विस्तृत समीक्षा

लखनऊ: नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी की अध्यक्षता में नगर निगम एवं जल निगम के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय कार्यकारिणी उपाध्यक्ष श्रीमती चरनजीत गांधी जी, नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार जी, कार्यकारिणी सदस्यगण, समस्त माननीय पार्षद, अपर नगर आयुक्त, जोनल अधिकारी तथा नगर निगम के सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

*जल निगम से जुड़े कार्यों पर गहन चर्चा*

बैठक में सबसे पहले माननीय सदन एवं कार्यकारिणी बैठकों में पार्षदों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा की गई। जल निगम से जुड़े कार्यों, सीवर समस्याओं एवं जलकल विभाग से संबंधित विषयों पर विस्तार से विचार हुआ। साथ ही शहर में सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों के विरुद्ध की जा रही कार्यवाही की भी समीक्षा की गई।

*प्रोजेक्ट्स की जानकारी नगर निगम को देने के निर्देश*

माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी ने जल निगम के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर श्री समीन अख्तर को निर्देश दिए कि शहर में जल निगम द्वारा संचालित सभी प्रोजेक्ट्स का विस्तृत विवरण नगर निगम को उपलब्ध कराया जाए, ताकि बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जा सके। इसके साथ ही यह रिपोर्ट भी मांगी गई कि सीवर व पाइपलाइन डालने के लिए कितनी सड़कों को खोदा गया और कितनी सड़कों का पुनर्निर्माण किया गया है।

*सीवर चैंबर निर्माण पर सवाल*

महापौर जी ने पतली गलियों में प्रत्येक घर के सामने बनाए गए सीवर चैंबरों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार दो से तीन घरों के बीच एक चैंबर होना चाहिए, जबकि कई क्षेत्रों में हर मकान के सामने चैंबर बनाए गए हैं। जोन-5 के कुछ मोहल्लों में 40 मकानों पर 40 से अधिक चैंबर पाए गए हैं, जो अव्यवस्था का संकेत है। इसी प्रकार की स्थिति इंदिरा नगर और जानकीपुरम क्षेत्रों में भी देखी गई है। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

*समन्वय से कार्य पूर्ण कराने पर जोर*

माननीय महापौर जी ने नगर आयुक्त, जीएम जलकल एवं एसई जल निगम को आपसी समन्वय के साथ नगर निगम क्षेत्र में चल रहे जल निगम के कार्यों की समीक्षा कर सभी प्रोजेक्ट्स को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम द्वारा कार्यों की समीक्षा कर संतोषजनक पाए जाने के बाद ही हैंडओवर लिया जाए।

*पार्षदों ने उठाईं सीवर व पेयजल समस्याएं*

सीवर विषय पर चर्चा के दौरान कार्यकारिणी सदस्यों एवं पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं रखीं। माननीय पार्षद श्री अरुण राय जी, श्री अनुराग मिश्रा ‘अन्नू’ जी, श्रीमती ममता चौधरी जी, श्री भृगु नाथ शुक्ला जी, श्री मान सिंह यादव जी, श्रीमती शिवम जी, श्रीमती रेखा सिंह जी, श्री राम नरेश चौरसिया जी, श्रीमती गौरी सांवरिया जी सहित अन्य पार्षदों ने चोक सीवर लाइन, सीवर कनेक्टिविटी, टूटे ढक्कन एवं पेयजल से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

*24 घंटे में शिकायत निस्तारण के निर्देश*

इस दौरान जीएम जलकल श्री कुलदीप सिंह एवं स्वेज इंडिया के प्रोजेक्ट हेड श्री राजेश मटपाल को निर्देश दिए गए कि जलकल से संबंधित शिकायतों का निस्तारण 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्वेज इंडिया को अनुबंध के अनुसार क्षेत्र में आवश्यक उपकरण तैनात करने के भी कड़े निर्देश दिए गए।

*सदन में उठे प्रश्नों की भी समीक्षा*

माननीय महापौर जी ने 27 जनवरी 2026 को आयोजित सदन की सामान्य बैठक में पूछे गए प्रश्नों की समीक्षा की। बैठक में 36 लिखित प्रश्नों तथा 46 मौखिक प्रश्नों के उत्तरों को लेकर नगर निगम एवं जलकल अधिकारियों से जवाब तलब किए गए। सभी उत्तर लिखित रूप में तैयार कर कार्यकारिणी के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

*डूडा व समाधान दिवस की शिकायतों पर निर्देश*

बैठक में डूडा से जुड़ी शिकायतों तथा समाधान दिवस में प्राप्त मामलों की भी समीक्षा की गई। सभी जोनल अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि 15 फरवरी के बाद बिना आईडी कार्ड के कोई भी कर्मी फील्ड में रिकवरी कार्य के लिए नहीं जाएगा। निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कर्मी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

*अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त रुख*

इसके साथ ही माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी ने शहर में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित कर तत्काल कब्जामुक्त कराया जाए। साथ ही भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए कब्जामुक्त कराई गई भूमि पर तारबाड़ कराए जाने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

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