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मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
समन्वय और तकनीक से बनेगा आधुनिक लखनऊ – डॉ. राजेश्वर
लखनऊ, तेज़ी से महानगर बनते लखनऊ को आने वाले दशकों के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल करते हुए सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री जी को राजधानी लखनऊ के लिए 20-Year Integrated Traffic & Urban Mobility Strategy का विस्तृत प्रस्ताव प्रेषित किया है।
डॉ. सिंह ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, तेज़ी से बढ़ते वाहन पंजीकरण और बदलती शहरी आवश्यकताओं को देखते हुए अब ट्रैफिक प्रबंधन को अल्पकालिक समाधानों से आगे ले जाकर दीर्घकालिक, समन्वित और डेटा-आधारित नीति के रूप में लागू करना समय की आवश्यकता है।
*लखनऊ में ट्रैफिक का वर्तमान परिदृश्य*
प्रस्ताव में vahan डेटा का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि वर्ष 2025 तक लखनऊ में लगभग 31.8 लाख वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, हर वर्ष 1.2 से 1.5 लाख नए वाहन सड़कों पर जुड़ रहे हैं।
इस तेज़ वृद्धि के कारण ट्रैफिक जाम, पार्किंग दबाव और सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम लगातार बढ़ रहा है।
*मल्टी-डिपार्टमेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट टास्क फोर्स का सुझाव*
डॉ. राजेश्वर सिंह ने ट्रैफिक प्रबंधन को केवल पुलिसिंग तक सीमित न रखते हुए एक Multi-Department Traffic Management Task Force के गठन की सिफारिश की है। इस टास्क फोर्स में पुलिस, शहरी विकास विभाग, LDA, नगर निगम, PWD, परिवहन विभाग, मेट्रो और स्मार्ट सिटी सेल को शामिल किया जाए।
*डेटा-ड्रिवन और समयबद्ध निर्णय प्रणाली*
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि टास्क फोर्स की अनिवार्य मासिक समीक्षा बैठकें हों, ताकि सभी निर्णय डेटा-ड्रिवन, समयबद्ध और जवाबदेह तरीके से लिए जा सकें और योजनाएं केवल कागज़ों तक सीमित न रहें।
*आधुनिक समाधान और भविष्य-केंद्रित अवसंरचना*
– प्रस्ताव रोडमैप में निम्न प्रमुख बिंदुओं को प्राथमिकता देने की सिफारिश की गई है:
– मेट्रो और BRT नेटवर्क का विस्तार
– AI आधारित स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम
– वैज्ञानिक ढंग से विकसित वेंडिंग ज़ोन
– अवैध अतिक्रमणों की स्थायी हटाने की व्यवस्था
– पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल अवसंरचना
– इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा
*दीर्घकालिक सोच ही बनेगी समाधान की कुंजी*
इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा— “वाहनों की तेज़ी से बढ़ती संख्या को देखते हुए अब Reactive उपाय पर्याप्त नहीं हैं। लखनऊ को एक आधुनिक, अनुशासित और ट्रैफिक-रेडी राजधानी बनाने के लिए इंटीग्रेटेड प्लानिंग और मल्टी डिपार्टमेंट कोऑर्डिनेशनअनिवार्य है। यही भविष्य की जरूरत और समाधान की कुंजी है।”