उत्तर प्रदेश मरीज की सुरक्षा सिर्फ एक चिकित्सक या स्टाफ की जिम्मेदारी नहीं यह टीम वर्क है – कुलपति डॉ अजय सिंह

Spread the love

यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

वरिष्ठ मेडिकल ब्यूरो गोविंद कश्यप उत्तर प्रदेश

आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के कुलपति डॉ. अजय सिंह ने कहा कि मरीज की सुरक्षा (पेशेंट सेफ्टी) किसी एक चिकित्सक या स्टाफ की जिम्मेदारी नहीं है। यह टीम वर्क है। चिकित्सीय पेशे में कॉम्लीकेशन और गलती में अंतर होता है। मरीज की सुरक्षा में होने वाली 50 फीसदी से ज्यादा गलतियों को रोका जा सकता है।
वह शुक्रवार को एराज मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में आयोजित पेशेंट सेफ्टी कॉन्क्लेव-2026 में बोल रहे थे। कुलपति डॉ. अजय सिंह ने कहा कि एआई (आर्टिफिशियन इंटेलिजेंस) हर मर्ज की दवा नहीं हो सकती। पेशेंट सेफ्टी में एआई मददगार बन सकता है। इलाज के दौरान होने वाली गलतियों को पूरी तरह से रोक नहीं सकता। इसके लिए लगातार सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब भी बात होती है तो बड़े अस्पतालों या चिकित्सा संस्थानों को लेकर ही योजनाएं बनाई जाती हैं। पीएचसी और सीएचसी पर भी ध्यान देने की जरूरत है। वहां गलतियों की संभावना अधिक है। एरा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अब्बास अली महदी ने बताया कि काम करने पर गलतियां होने की संभावना हमेशा बनी रहती है। गलती से सीखें। उसे सुधारें। तभी मरीज की जान बचाना आसान होगा। गलती को अनदेखा न करें। इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ क्वालिटी मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. गिरधन ज्ञानी ने बताया कि आज कई चिकित्सा संस्थानों और अस्पतालों में पेशेंट सेफ्टी पर कोई बात ही नहीं करता। इसी का कारण है कि गड़बडियों की आशंका लगातार बनी रहती है। करीब 60 प्रतिशत गलतियों मानवीय चूक के कारण होती हैं। इनको रोकने के लिए सबसे बेहतर तरीका मॉनीटरिंग बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *