उत्तर प्रदेश में परिवर्तन: उपेक्षा से विकास की नई ऊँचाइयों तक — डॉ. राजेश्वर सिंह

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

लखनऊ पिछले एक दशक में उत्तर प्रदेश में हुआ व्यापक परिवर्तन यह स्पष्ट दर्शाता है कि संकल्पित एवं परिणामोन्मुखी शासन क्या होता है। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश ने जिस गति से विकास किया है, वह पूर्ववर्ती बसपा और सपा सरकारों के दौरान दिखाई नहीं दिया।

शिक्षा, जो किसी भी राज्य के दीर्घकालिक विकास की आधारशिला होती है, पूर्ववर्ती सरकारों में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं पा सकी। वर्ष 2012–13 में बसपा सरकार के दौरान शिक्षा पर लगभग ₹45,000–50,000 करोड़ का प्रावधान था, जबकि 2016–17 में सपा सरकार के समय यह बढ़कर लगभग ₹55,000–60,000 करोड़ हुआ। किंतु CAG की टिप्पणियों और स्वतंत्र आकलनों में अधूरे विद्यालय भवन, अप्रयुक्त बजट, शिक्षकों की कमी और लंबित भर्तियों जैसी गंभीर खामियाँ उजागर हुईं। समस्या केवल बजट आवंटन की नहीं, बल्कि क्रियान्वयन और जवाबदेही की भी थी।

इसके विपरीत, माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में, भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को मिशन मोड में पुनर्गठित किया है। वर्ष 2026–27 में शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति के लिए ₹1,08,154 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो बसपा काल की तुलना में लगभग दोगुना तथा सपा काल से कहीं अधिक है। यह पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान से 28% अधिक है और कुल राज्य व्यय का 12.8% है। यह बजट केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम देने वाला निवेश है। नए विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, आधारभूत संरचना का उन्नयन, डिजिटल एवं एआई-सक्षम कक्षाएँ, पारदर्शी शिक्षक भर्ती, समय पर वेतन भुगतान तथा छात्रवृत्ति एवं कौशल-आधारित कार्यक्रमों का विस्तार इसका प्रमाण हैं।

आर्थिक क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक प्रगति की है। बसपा सरकार के समय (2012–13) प्रति व्यक्ति आय लगभग ₹33,000 थी। सपा सरकार के अंत तक (2016–17) यह बढ़कर लगभग ₹55,000 हुई, किंतु विकास की गति सीमित रही। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में 2024–25 में प्रति व्यक्ति जीएसडीपी ₹1,24,366 तक पहुँच गई है। यह वृद्धि सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, व्यापक आधारभूत संरचना विकास, उच्च पूंजीगत व्यय, आर्थिक औपचारिकरण, बेहतर कर अनुपालन और मजबूत वित्तीय अनुशासन का परिणाम है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि तुलना स्पष्ट है—जहाँ पूर्ववर्ती सरकारें सीमित और क्रमिक दृष्टिकोण तक सिमटी रहीं, वहीं भाजपा सरकार ने रिकॉर्ड बजट, पारदर्शी व्यवस्था और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से उत्तर प्रदेश को नई दिशा दी है। आज उत्तर प्रदेश ठहराव से प्रगति की ओर, सीमित सोच से व्यापक परिवर्तन की ओर और विखंडित शासन से समेकित विकास की ओर अग्रसर है, जिसका लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुँच रहा है।

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