स्मार्ट क्लास, आधुनिक सुविधाएँ और गुणवत्ता — शिक्षा सुधार पर डॉ. राजेश्वर सिंह का फोकस

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

राष्ट्र निर्माण की शुरुआत प्राथमिक कक्षाओं से” — डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ सेक्टर 9C, वृंदावन योजना में आज ओएसिस द लिटिल पर्ल्स एवेन्यू स्कूल का उद्घाटन सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी प्राथमिक कक्षाओं में आकार लेता है और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा ही सशक्त भारत की आधारशिला है।

अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने कहा, “मानव मस्तिष्क का लगभग 90% विकास प्रारंभिक बाल्यावस्था में होता है। यही वह समय है जब भाषा, तर्क क्षमता और समस्या समाधान की नींव रखी जाती है। प्रारंभिक शिक्षा में किया गया निवेश राष्ट्र को दीर्घकालिक सामाजिक एवं आर्थिक लाभ देता है।” उन्होंने नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री जेम्स हेकमैन के शोध का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रारंभिक एवं प्राथमिक शिक्षा में निवेश 7 से 10 गुना तक प्रतिफल दे सकता है।

डॉ. सिंह ने कहा कि कक्षा 3 तक बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान प्राप्त न कर पाने वाले बच्चों में स्थायी शैक्षणिक अंतर उत्पन्न हो जाता है। विश्व बैंक द्वारा प्रतिपादित ‘लर्निंग पॉवर्टy’ की अवधारणा बताती है कि 10 वर्ष की आयु तक सरल पाठ न पढ़ पाने वाले बच्चों के सामने भविष्य में शैक्षणिक और आर्थिक चुनौतियाँ बढ़ जाती हैं।

*सरोजनीनगर में डिजिटल शिक्षा की नई पहल*

उन्होंने इस अवसर पर विद्यालय को एक इंटरैक्टिव बोर्ड पैनल (स्मार्ट क्लास) उपलब्ध कराने की घोषणा की। डॉ. सिंह ने बताया कि सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में अब तक 41 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास हेतु इंटरैक्टिव बोर्ड स्थापित कराए जा चुके हैं, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक-आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है।

डा. राजेश्वर सिंह जी ने बताया कि सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के 100 प्राथमिक विद्यालयों में सीएसआर फंड से बच्चों के लिए झूले एवं खेल-सामग्री की व्यवस्था कराई गई है, ताकि बच्चे आनंदपूर्वक विद्यालय आएं और पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी भाग लें।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जिन देशों ने सतत आर्थिक प्रगति की है, उन्होंने सर्वप्रथम सार्वभौमिक बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ किया। प्राथमिक शिक्षा केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि आर्थिक रणनीति, उत्पादकता वृद्धि का आधार, समान अवसर का माध्यम और राष्ट्र-निर्माण का सशक्त साधन है।

उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 24.8 करोड़ विद्यार्थी, 14.7 लाख विद्यालयों और 98 लाख शिक्षकों के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि शिक्षा व्यवस्था को नीचे से ऊपर तक मजबूत किया जाए, क्योंकि मजबूत नींव के बिना उच्च शिक्षा में निवेश अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकता।

इस अवसर पर संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्री विनोद पांडेय, उपाध्यक्ष श्रीमती किरण पांडेय, अकादमिक प्रमुख श्री उत्कर्ष पांडेय, प्रधानाचार्य श्रीमती ज्योति राय, सुश्री जानवी पांडेय, श्री पार्थ उपाध्याय सहित आईएएस श्री चंद्र भूषण त्रिपाठी, आईआरएस श्री आदित्य हृदय उपाध्याय, श्री प्रणव अग्निहोत्री, पार्षद श्री संजीव अवस्थी, श्री शिव प्रकाश मिश्रा, पार्षद श्री सौरभ सिंह मोनू, पार्षद श्री के.एन. सिंह तथा श्री रामाशंकर त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सुदृढ़ प्राथमिक शिक्षा ही समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त करेगी।

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