आशा कार्यकर्त्रियों का मानदेय बढ़ाए जाने के लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने हर्ष जताया

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

लखनऊ।राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के अधक्ष जे एन तिवारी ने आशा कार्यकर्त्रियों, आंगनबाड़ी, अनुदेशकों एवं शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाए जाने की मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत करते हुए संयुक्त परिषद की तरफ से आभार व्यक्त किया है। जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि सरकारी क्षेत्र में कार्य करने वाले किसी भी कर्मचारी से आशा कार्यकर्त्रियों को बहुत कम राशि पारिश्रमिक के रूप में मिलती है।

आशा बहुओं को मानदेय के रूप में कुछ भी नहीं मिलता है। उनको प्रतिमाह 2000 से ढाई हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाती है, जिसमें परिवार चलाने का तो कोई प्रश्न ही नहीं होता है। जहां एक तरफ आउटसोर्स कर्मचारी के लिए न्यूनतम मानदेय 16000 निर्धारित किया गया है वहां आशा कार्यकर्त्रियों से 2000 से लेकर ढाई हजार रुपया महीना पर कार्य लेना उनका आर्थिक शोषण है। मुख्यमंत्री जी ने आशाओं के दर्द को समझा। इसके लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करती है।
संयुक्त परिषद , आशा कार्यकर्त्रियों को 18000 मानदेय देने की मांग करती आ रही है।

2026-27 के विधानसभा बजट में आशा कार्यकर्त्रियों के लिए कोई घोषणा नहीं किए जाने से प्रदेश की 2,40000 आशा कार्यकर्त्रियों में निराशा
जरूर हुई थी, लेकिन संयुक्त परिषद को मुख्यमंत्री जी की दूर दृष्टि एवं कर्मचारियों की प्रति कोमल भावनाओं पर पूरा विश्वास था। संयुक्त परिषद को पता था कि अवसर तलाश कर मुख्यमंत्री जी आशाओं के दर्द का निवारण जरूर करेंगे। सदन में इस घोषणा से प्रदेश की आशाओं मे
खुशी की लहर है, उनके मुरझाए हुए चेहरे खिल गए हैं ।उन्हें भी अब समाज में सम्मान के साथ जीने एवं सर उठाकर चलने का अवसर प्राप्त होगा।

संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने आशा कार्यकर्त्रियों के लिए आउटसोर्स कर्मचारी के बराबर 16000 का न्यूनतम मानदेय एवं संगिनी के लिए 20000 का मानदेय निर्धारित करने की मांग किया है।

संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हए
अवगत कराया है कि आशा कर्मियों, आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय बढ़ोतरी की घोषणा को महिला सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री जी द्वारा उठाया गया सराहनीय कदम है। उन्होंने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े हुए 10 लाख कर्मचारियों की तरफ से मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों पर कार्यवाही की जाने का अनुरोध किया है।

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