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संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
भुवनेश्वर. देश के सरकारी अफसर हर दिन भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान बनाते रहते हैं. नोएडा अथॉरिटी के अरबपति चीफ इंजीनियर यादव सिंह को कौन भूल सकता है. उसके पास इतनी प्रॉपर्टी निकली की उसका रिकॉर्ड बनाने वाले भी भौंचक्के रह गए थे. अब ओडिशा में भी ऐसे ही एक हाई रैंक वाले करोड़पति इंजीनियर का पता चला है. विजिलेंस डिपार्टमेंट की जांच में इंजीनियर के पास एक या दो नहीं, बल्कि 85 प्लॉट होने का पता चला है. आरोपी इंजीनियर का काला साम्राज्य ओडिशा से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ पाया गया. विजिलेंस टीम फिलहाल आय से अधिक संपत्ति के मामले में घिरे उच्च पदस्थ इंजीनियर के बैंक खाते और अन्य फाइनेंशियल रिकॉर्ड को खंगालने में जुटी है.
ओडिशा की विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को एक उच्च पदस्थ इंजीनियर की करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा किया है. इसमें 85 प्लॉट, एक सोने का बिस्किट और अन्य कीमती सामान शामिल हैं. इंजीनियन की पहचान प्रवास कुमार प्रधान के तौर पर की गई है. वह आनंदपुर बैराज डिवीजन में तैनात हैं. हाई-प्रोफाइल अधिकारियों से जुड़ा यह तीसरा मामला है, जिसमें सीनियर अफसर के पास व्यापक पैमाने पर प्रॉपर्टी होने का पता चला है. पिछले सप्ताह में एंटी करप्शन विंग ने एक्साइज डिपार्टमेंट के एक अधिकारी के स्वामित्व वाले बावन प्लॉट और एक अन्य वरिष्ठ इंजीनियर और उसके परिवार के स्वामित्व वाले चौतीस भूखंडों का पता लगाया था.
क्या-क्या मिला
विजिलेंस डिपार्टमेंट ने बताया कि उनके अधिकारियों ने एक मार्केट कॉम्प्लेक्स, एक पांच मंजिला इमारत और 85 भूखंडों का पता लगाया है. इनमें से एक प्रॉपर्टी पश्चिम बंगाल में भी है. साथ ही दो सौ अठारहग्राम सोना, एक सोने के बिस्किट और ग्यारह लाख रुपये कैश का भी पता चला है. जानकारी के अनुसार, क्योंझर के सलापड़ा में आनंदपुर बैराज डिवीजन के चीफ कंस्ट्रक्शन इंजीनियर प्रवास कुमार प्रधान के कब्जे में 11.7 लाख रुपये भी मिले हैं. बयान में कहा गया है प्लॉट प्रधान द्वारा अलग-अलग वर्षों में अपने नाम के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदे गए थे. इनका कुल मूल्य दो करोड़ रुपये से अधिक है. हालांकि, वास्तविक मूल्य अधिक होने की संभावना है. फिलहाल इसकी पुष्टि की जा रही है.’
खंगाले जा रहे फाइनेंशियल रिकॉर्ड
अधिकारियों ने बताया कि बैंक खाते, डाक, बीमा और अन्य जमा खातों का भी पता लगाया जा रहा है और तलाशी जारी है. इस सप्ताह की शुरुआत में एक्साइज डिपार्टमेंट के ज्वाइंट सीपी रामचंद्र मिश्रा को आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उनके पास छह बहुमंजिला इमारतों और दो अपार्टमेंट के अलावा बावन प्लॉट का कब्ज़ा पाया गया. एक अन्य घटना में विजिलेंस डिपार्टमेंट ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक और बोलांगीर के लोअर सुकटेल प्रोजेक्ट के मुख्य निर्माण अभियंता सुनील कुमार राउत के कब्जे में आठ एकड़ में फैले एक फार्महाउस सहित चौतीस भूमि भूखंडों का पता लगाया था.