नगर निगम लखनऊ का 2026-27 का बजट पेश: 46 अरब 92 करोड़ 71 लाख 23 हजार का प्रावधान, कूड़ा प्रबंधन और सड़क निर्माण पर फोकस; कोई नया टैक्स नहीं

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

लखनऊ। नगर निगम मुख्यालय में आयोजित कार्यकारिणी समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल बजट पेश किया गया। बैठक की अध्यक्षता महापौर सुषमा खर्कवाल ने की, जबकि बजट नगर आयुक्त गौरव कुमार द्वारा सदन के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बैठक में कार्यकारिणी समिति के सदस्य उपस्थित रहे और बजट पर विस्तार से चर्चा की गई।

माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी ने कहा कि नगर निगम शहर के समग्र विकास, बेहतर सफाई व्यवस्था, मजबूत आधारभूत ढांचे और राजस्व वृद्धि को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले वर्ष का बजट नए कार्यालय भवन में प्रस्तुत किया जाएगा। राहत की बात यह है कि इस बार बजट में किसी नए कर को लागू करने या पुराने करों में वृद्धि का प्रस्ताव नहीं रखा गया है।

इस बैठक में माननीय कार्यकारिणी सदस्य श्री भृगुनाथ शुक्ला जी, श्री अनुराग मिश्रा ‘अन्नू’ जी, श्री राजेश सिंह गब्बर जी, श्री पृथ्वी गुप्ता जी, श्री अरुण राय जी, श्रीमती गौरी सांवरिया जी, श्री के.एन. सिंह जी, श्री संदीप शर्मा जी, श्री राम नरेश चौरसिया जी, श्रीमती सबा हसन जी की उपस्थिति में यह बजट पेश किया गया। इस दौरान समस्त अपर नगर आयुक्त, उप नगर आयुक्त, मुख्य लेखा अधिकारी, जोनल अधिकारी, चीज इंजीनियर समेत नगर निगम के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

*कुल आय-व्यय का विवरण*

वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगम की कुल अनुमानित आय 3,29,335 लाख रुपये (करीब 3293 करोड़ रुपये) प्रस्तावित की गई है, जबकि कुल व्यय 3,29,293.25 लाख रुपये रखा गया है।

राजस्व मद में 2,27,835 लाख रुपये की आय का अनुमान है। इसमें मुख्य रूप से गृहकर, जलकर, विज्ञापन शुल्क, लाइसेंस शुल्क और अन्य करों से प्राप्त राजस्व शामिल है। राजस्व मद में 2,27,793.25 लाख रुपये का व्यय प्रस्तावित है, जिसमें वेतन, पेंशन, सड़कों की मरम्मत, नाला निर्माण, ईंधन, पार्कों के रखरखाव और गोशालाओं के संचालन जैसे खर्च शामिल हैं।

पूंजी मद में केंद्र व राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान, वित्त आयोग की धनराशि, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना, मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना और अन्य परियोजनाओं के लिए 98,100 लाख रुपये आय और समान राशि के व्यय का प्रावधान किया गया है।

उच्चन्त मद में 3,400 लाख रुपये आय और व्यय प्रस्तावित है। प्रारंभिक अवशेष 1,39,936.23 लाख रुपये जोड़ने के बाद सकल आय 4,69,271.23 लाख रुपये आंकी गई है। आय-व्यय समायोजन के बाद 1,39,977.98 लाख रुपये अंतिम अवशेष रहने का अनुमान है।

*कूड़ा प्रबंधन पर 300 करोड़ रुपये*

बजट में सबसे अधिक जोर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर दिया गया है। इस मद में करीब 300 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। नगर निगम का दावा है कि इससे डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और सफाई व्यवस्था में सुधार होगा।

हालांकि, बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझने वाले इलाकों के लिए नालों की सफाई का बजट 15 करोड़ रुपये ही रखा गया है।

*सड़क निर्माण और मरम्मत*

राजधानी की सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों के निर्माण के लिए 271 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। नगर निगम का कहना है कि गड्ढामुक्त सड़कों और यातायात सुगमता के लिए यह राशि खर्च की जाएगी।

*पुराने दायित्वों के लिए 405 करोड़*

बजट में 405 करोड़ रुपये पुराने कार्यों के भुगतान के लिए रखे गए हैं। इससे ठेकेदारों और कार्यदायी संस्थाओं के लंबित भुगतान का निस्तारण किया जाएगा।

कार्यदायी संस्थाओं के भुगतान के मद में पुनरीक्षित बजट में 130 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे घटाकर 100 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

*पार्क, स्ट्रीट लाइट और आवासीय योजनाएं*

शहर के पार्कों के अनुरक्षण का बजट 42 करोड़ रुपये है। पार्कों की रंगाई-पुताई के लिए 6 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मार्ग प्रकाश के अधिष्ठान के लिए 16 करोड़ रुपये, स्ट्रीट लाइट मरम्मत के लिए 6 करोड़ रुपये और उपकरण खरीद के लिए 6.50 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

भवन मरम्मत के लिए 5 करोड़ रुपये, नए निर्माण कार्यों के लिए 34 करोड़ रुपये। अहाना एनक्लेव की बहुमंजिली आवासीय योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अवस्थापना निधि से 180 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे।

मॉडल वेंडिंग जोन के निर्माण और संचालन का बजट 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वेंडिंग जोन का किराया 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये किया गया है, जिससे छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी।

*जलकल विभाग का बजट*

बैठक में जलकल विभाग का बजट भी प्रस्तुत किया गया। जलकल विभाग का मुख्य कार्य शहर में पेयजल आपूर्ति और सीवर व्यवस्था का संचालन व रखरखाव करना है।

वर्ष 2026-27 के लिए जलकल विभाग की कुल प्रस्तावित आय 48,723.40 लाख रुपये (करीब 487 करोड़ रुपये) है। इसमें 36,693.40 लाख रुपये राजस्व मद से और 12,030 लाख रुपये पूंजी मद से प्राप्त होने का अनुमान है। विभाग द्वारा ऑनलाइन बिलिंग और वसूली प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
महापौर के निर्देश

*खाली जमीनों को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की तैयारी*

माननीय महापौर जी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर में नगर निगम की जितनी भी खाली जमीनें हैं, उनका सर्वे कर सूची तैयार की जाए और उन्हें पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत विकसित करने की योजना बनाई जाए। उनका कहना था कि खाली पड़ी जमीनें निगम के लिए आय का बड़ा स्रोत बन सकती हैं।

उन्होंने नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार को निर्देश दिया कि इस संबंध में एक विशेष टीम गठित की जाए, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी भी शामिल हों। टीम एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करेगी, जिसमें जमीन का उपयोग, संभावित आय और विकास मॉडल का पूरा खाका होगा।

माननीय महापौर ने यह भी तय किया कि इस कार्य की प्रगति की समीक्षा हर शनिवार को की जाएगी, ताकि योजना केवल कागजों तक सीमित न रहे बल्कि समयबद्ध तरीके से जमीन पर लागू हो सके।

इसके साथ ही उन्होंने खाली जमीनों पर बारात घर (समारोह स्थल) विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे स्थानीय लोगों को सुविधा मिले और नगर निगम को नियमित आय प्राप्त हो सके।

माननीय महापौर जी ने स्पष्ट कहा कि शहर में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों और मेलों से लाइसेंस शुल्क की नियमित और पारदर्शी वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां भी बिना अनुमति बाजार लग रहे हैं या लाइसेंस शुल्क की सही वसूली नहीं हो रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए।

इसके लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें यह स्पष्ट होगा कि कितने बाजार पंजीकृत हैं, कितनी आय हो रही है और कहां सुधार की जरूरत है। माननीय महापौर जी ने कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए इस व्यवस्था को व्यवस्थित करना जरूरी है।

*110 वार्डों में जल्द बनाएं मॉडल वेंडिंग जोन*

शहर के सभी 110 वार्डों में मॉडल वेंडिंग जोन विकसित करने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। महापौर ने निर्देश दिए कि 30 मार्च तक प्रत्येक वार्ड में वेंडिंग जोन के लिए उपयुक्त जमीन चिन्हित कर अंतिम रूप दिया जाए।

उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में इन वेंडिंग जोन के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए जाएं और तीन महीने के भीतर कार्य पूरा कर लिया जाए। इसका उद्देश्य रेहड़ी-पटरी कारोबारियों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराना और सड़कों से अतिक्रमण कम करना है।

*अवैध होर्डिंग पर सख्त कार्रवाई*

माननीय महापौर जी ने शहर में लगे सभी अवैध होर्डिंग को एक सप्ताह के भीतर हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध विज्ञापन न केवल राजस्व का नुकसान करते हैं, बल्कि शहर की सुंदरता और यातायात सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं।

ऐसी एजेंसी जिनपर यूनिपोल, बस शेल्टर या होर्डिंग की निविदा अग्रहित की गई है उन्हें दो दिन के अंदर बकाया फीस जमा कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। प्रचार विभाग को माननीय महापौर जी द्वारा यह भी निर्देश दिए गए है कि यदि लाइसेंस फीस नहीं जमा की जाती है तो तत्काल प्रभाव से ऐसी होर्डिंग, यूनिपोल और बस शेल्टर के स्ट्रक्चर को हटाया जाए। अधिकारियों को बकाया वसूली अभियान चलाने के लिए कहा गया है।

*श्मशान घाटों की बाउंड्री वाल निर्माण*

बैठक में माननीय महापौर जी ने शहर के सभी श्मशान घाटों की स्थिति सुधारने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी श्मशान घाटों की बाउंड्री वाल का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।

*नगर निगम के स्कूलों का कायाकल्प*

माननीय महापौर जी ने नगर निगम के 8 विद्यालयों का वृहद कायाकल्प करने के निर्देश दिए। इन स्कूलों में भवन मरम्मत, कक्षाओं का आधुनिकीकरण, फर्नीचर, स्वच्छ शौचालय और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इसके अलावा कान्हा उपवन में एक नए विद्यालय के निर्माण के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही शहर में 40 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा और पोषण सुविधाएं मिल सकें।

*आधुनिक पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी*

माननीय महापौर जी ने नगर निगम का एक आधुनिक पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने के निर्देश दिए। इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और विद्यार्थियों के लिए ई-लर्निंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

*जलापूर्ति और जलकल से जुड़े निर्णय*

पानी की पाइपलाइन शिफ्टिंग के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। माननीय महापौर जी ने स्पष्ट किया कि जहां सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन शिफ्ट करनी होगी, वहां कार्य समय से पूरा किया जाए। रोड कटिंग के मामलों में जलकल विभाग स्वयं खर्च उठाएगा और सड़क भी खुद ही बनाएगा, ताकि दोबारा मरम्मत में देरी न हो।

जल निगम से किसी परियोजना के हैंडओवर के समय नगर निगम सीमित पूर्व सत्यापन करेगा, जिससे अधूरे कार्यों का बोझ निगम पर न आए।

शहर में चल रहे अवैध कार सर्विस स्टेशनों द्वारा ग्रांड वाटर का दुरुपयोग किया जा रहा है। ऐसे सर्विस स्टेशनों के खिलाफ माननीय महापौर जी ने जीएम जलकल को कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा सड़क पर किए जा रहे अतिक्रमण को भी सभी जोनल अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए हैं।

*गृह कर और यूजर चार्ज पर छूट*

नए वित्तीय वर्ष में गृह कर और एकमुश्त यूजर चार्ज जमा करने वालों को विशेष छूट दी जाएगी। महापौर ने नागरिकों से समय पर कर भुगतान कर इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है।

*01 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक*
– ऑनलाइन भुगतान पर 10% छूट
– ऑफलाइन कैश काउंटर पर भुगतान पर 8% छूट

*01 मई 2026 से 31 मई 2026 तक*
– ऑनलाइन भुगतान पर 8% छूट
– ऑफलाइन भुगतान पर 6% छूट

*01 जून 2026 से 30 जून 2026 तक*
– ऑनलाइन भुगतान पर 5% छूट
– ऑफलाइन भुगतान पर 4% छूट

वहीं एकमुश्त यूजर चार्ज जमा करने पर 10% छूट का लाभ लोगों को दिया जाएगा।

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