बिहार के 94 लाख गरीब परिवारों और महिलाओं को 2-2 लाख..’ विपक्ष ने सरकार को घेरा

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

पटना: बिहार विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और 94 लाख गरीब परिवार का मामला उठाया. राजद और लेफ्ट के विधायकों ने पोस्टर लेकर विधानसभा पोर्टिको में काफी देर तक नारेबाजी की और कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सरकार ने ₹200000 की राशि रोजगार के लिए देने का वादा किया है, लेकिन सरकार ने अभी तक राशि नहीं दी है.
विपक्ष का हंगामा: वहीं विपक्ष का आरोप है कि जातीय गणना में 94 लाख गरीब परिवार की पहचान हुई थी. सरकार ने दो-दो लाख रुपए देने का वादा किया था. गरीब परिवारों को अब तक राशि नहीं मिली है. विपक्षी सदस्य सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए काफी देर तक नारेबाजी करते रहे.
RJD ने महिलाओं को 2-2 लाख देने का उठाया मुद्दा: राजद विधायक रणविजय साहू ने कहा कि एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन महिलाओं के साथ ही सबसे ज्यादा अपराध बिहार में हो रहे हैं. महिलाओं को लेकर वादा किया और ₹10000 देकर चुनाव के समय उनका वोट ले लिया,े लेकिन अब दो लाख रुपये नहीं दे रही है. हम लोग इस मुद्दे को छोड़ेंगे नहीं.
“सदन में सरकार का वक्तव्य है कि महिलाओं को रोजगार देने के लिए 2-2 लाख रुपये देने का काम करेंगे. लेकिन नीतीश कुमार लगातार वादा खिलाफी करते हुए महिलाओं को ठगने का काम कर रहे हैं. महिलाओं पर अत्याचार बढ़ा है और मुख्यमंत्री मूकदर्शक बने हुए हैं.”- रणविजय साहू, राजद विधायक
94 लाख गरीब परिवारों को 2-2 लाख का वादा: वहीं माले विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि चुनाव के समय महिलाओं को 10-10 हजार दे दिया और अब वादे से मुकर जाएंगे तो विपक्ष ऐसा होने नहीं देगा. जब सरकार ने कास्ट सर्वे की रिपोर्ट सदन में पेश की थी तो कुछ ठोस घोषणाएं की गई थीं. घोषणा की गई थी कि 94 लाख गरीब परिवारों को, जिनकी मासिक आय 6 हजार रुपये से नीचे है, उन परिवारों को दो-दो लाख रुपये सरकार देगी. लेकिन अभी तक मात्र 40 हजार परिवारों को मात्र 50 हजार रुपया मिला है.
“बिहार में आरक्षण का दायरा बढ़ाने की बात भी सदन में कही गई थी. देश के कई राज्यों में आरक्षण का दायरा बढ़ा हुआ है. अगर संसद कहता है कि आरक्षण पचास प्रतिशत से ऊपर लाना है तो नौवीं अनुसूची में शामिल करवाइये, जैसे तमिलनाडु का है. लेकिन कोई भी वादा नहीं निभाया जा रहा है. खजाना खाली है तो किसी की तो जिम्मेदारी होगी. खजाने का पैसा गायब है तो कोई न कोई तो लेकर गया होगा. कौन लेकर गया है? 70 हजार करोड़ का सीएजी कह रहा है कि रिपोर्ट सरकार के पास नहीं है. पैसा लूटिए और कहिए कि खजाना खाली है.”- संदीप सौरभ, माले विधायक
70 हजार करोड़ का नहीं मिला हिसाब: बिहार सरकार की वित्तीय कार्यप्रणाली पर कैग की रिपोर्ट में सवाल उठाए गए थे, रिपोर्ट में 70,877.61 करोड़ रुपये की राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र समय पर नहीं दिया गया.

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