यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, राष्ट्र के चरित्र और मूल्यों का उत्सव है: डॉ. राजेश्वर सिंह
लखनऊ सरोजिनी नगर क्षेत्र के हरौनी स्थित प्राचीन झाड़ेश्वर मंदिर प्रांगण में आयोजित होली मिलन उत्सव में हजारों ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। इस अवसर पर सरोजिनी नगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं बल्कि भारत के राष्ट्रीय चरित्र और सभ्यता के मूल्यों का उत्सव है।
उन्होंने कहा कि भारत को समझना हो तो उसके संविधान से पहले उसके त्योहारों को समझना होगा, क्योंकि भारत के त्योहार समाज को जोड़ने, नैतिक मूल्यों को मजबूत करने और पीढ़ियों को सही दिशा देने का कार्य करते हैं।
*होली की कथा : सत्य की विजय का संदेश*
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा केवल धार्मिक प्रसंग नहीं बल्कि यह इस शाश्वत सत्य का प्रतीक है कि अहंकार और अन्याय अंततः पराजित होते हैं और सत्य की विजय होती है। होलिका दहन इसी संदेश का प्रतीक है कि सत्य को कभी नष्ट नहीं किया जा सकता।
*भारतीय त्योहार समाज को देते हैं नैतिक शिक्षा*
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भारत के त्योहार केवल उत्सव नहीं बल्कि जीवन के मूल्यों की शिक्षा देने वाले अवसर हैं। होली सत्य की विजय का प्रतीक है, दशहरा धर्म की विजय का, दीपावली प्रकाश की विजय का और गुरुपर्व सेवा तथा त्याग की भावना का संदेश देता है।
*होली सामाजिक समरसता का पर्व*
उन्होंने कहा कि होली समाज को जोड़ने वाला सबसे बड़ा लोकतांत्रिक पर्व है। इस दिन लोग जाति, वर्ग और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और गले मिलते हैं। यह पर्व भारत की विविधता में एकता की परंपरा को और मजबूत करता है।
*बसंत और प्रकृति का उत्सव*
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि होली बसंत ऋतु का उत्सव भी है, जब खेतों में नई फसल आती है, सरसों के फूल खिलते हैं और प्रकृति स्वयं रंगों से भर जाती है। भारतीय सभ्यता ने प्रकृति के इस सौंदर्य को भी उत्सव का रूप दिया है।
*मजबूत भारत ही अपनी संस्कृति की रक्षा कर सकता है*
उन्होंने कहा कि आज विश्व के कई हिस्सों में संघर्ष और अस्थिरता देखने को मिल रही है। ऐसे समय में भारत को आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और सामरिक दृष्टि से और अधिक मजबूत बनाना आवश्यक है, क्योंकि एक सशक्त राष्ट्र ही शांति, संस्कृति और अपनी परंपराओं की रक्षा कर सकता है।
*पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा का आह्वान*
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सौर ऊर्जा, हरित ऊर्जा और स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और संतुलित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।
*होली का संदेश: प्रेम, एकता और राष्ट्र निर्माण*
अपने संबोधन के अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह ने उपस्थित नागरिकों से आह्वान किया कि होली केवल रंगों का उत्सव न रहकर प्रेम, एकता और सकारात्मकता का संदेश देने का माध्यम बने। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने आचरण और अपने कार्यों के माध्यम से भारत को और अधिक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध बनाने में योगदान देगा।
इस अवसर पर हरौनी निवासी एमबीए छात्र प्रखर चौहान को लैपटॉप प्रदान कर डॉ. राजेश्वर सिंह ने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे युवा पीढ़ी को शिक्षा और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले।
कार्यक्रम में राजेश सिंह चौहान, गोविंद प्रताप शुक्ला, शिव शंकर सिंह “शंकरी”, राजकुमार सिंह चौहान, राधे लाल यादव, शिवराज शुक्ला, अनिकेत सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख सुनील रावत, नगर पंचायत बंथरा अध्यक्ष प्रतिनिधि रणजीत रावत, पार्षद लवकुश रावत, वीरेंद्र रावत, पीके मिश्रा, तुन्नू शुक्ला, आशु शुक्ला, सुभाष पासी, प्रधान प्रतिनिधि तरुण शुक्ला, पूर्व प्रधान सोनू माली, पूर्व प्रधान पवन सिंह, गंगाराम भारती, सोनू त्रिवेदी, सेक्टर संयोजक सूरज सिंह, प्रियंका सिंह, ऋतु सिंह, मधु चौरसिया, बच्चू लाल पासी, रेणु सिंह, राजू शुक्ला, आनंद अवस्थी, जितेंद्र सिंह, चंद्र सिंह, एसके सुमन, प्रधान पीनू, प्रधान नीरज सिंह, कुलदीप सिंह व अन्य गणमान्य उपस्थित रहे!