यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
ब्यूरो प्रमुख दुर्गेश अवस्थी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है, जिससे उनका सीएम पद छोड़ना लगभग तय माना जा रहा है. जाहिर है बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव के दौर से गुजर रही है. बदले राजनीतिक परिदृश्य में एनडीए गठबंधन में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है और अगला सीएम भाजपा से हो सकता है. अब पार्टी ऐसे चेहरे की तलाश में है जो नीतीश की विकासवादी छवि को आगे ले जा सके और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरे. राजनीतिक हलकों में कई नामों की चर्चा है, लेकिन एक ऐसा नाम भी है जो सियासी गणित को बदल सकता है. लेकिन पहले जानते हैं कि आखिर वो कौन-कौन से नाम हैं जो फिलहाल चर्चा में हैं, फिर आगे वह नाम भी जानेंगे जो बिहार के सियासी सीन में चुपचाप उभरता जा रहा है.नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले से बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं. भाजपा के भीतर सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, विजय कुमार सिन्हा, राम कृपाल यादव, जनक राम और कृष्ण कुमार ऋषि जैसे नाम उछल रहे हैं. ये सभी अनुभवी नेता हैं जो पार्टी की मजबूत पकड़ रखते हैं. महिलाओं में रेणु कुशवाहा, रमा निषाद और श्रेयसी सिंह की चर्चा है. लेकिन इन सबके बीच एक और नाम है जो भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. यह नाम पार्टी के सियासी हितों को साधने में मदद कर सकता है. हालांकि, इनके नाम को लेकर पार्टी के भीतर कुछ दुविधा की स्थिति भी है.
दरअसल, सियासी चर्चाओं के बीच बिहार में शाहनवाज हुसैन का नाम भी सामने आ रहा है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन को बिहार के सीएम पद के लिए मजबूत दावेदार माना जा रहा है. वे भाजपा का मुस्लिम चेहरा हैं जो पार्टी को मुसलमान वोट बैंक तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. शाहनवाज हुसैन का केंद्र से लेकर राज्य की राजनीति तक में अच्छा अनुभव है. उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सबसे युवा कैबिनेट मंत्री के रूप में काम किया था. बिहार में वे विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं और 2021 में नीतीश सरकार में उद्योग मंत्री बने थे. उनका अनुभव और वक्तृत्व उन्हें भाजपा का बेस्ट चेहरा बनाता है.