रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा ग्रीन फेज टू का फीता काटकर जनता को किया समर्पित

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

लखनऊ में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने ग्रीन फेज टू को समता मूलक चौराहे पर फीता काटकर इसे जनता को समर्पित किया। झूलेलाल वाटिका में आयोजित कार्यक्रम के दौरान
1519 करोड़ रुपए की लागत से लखनऊ के यातायात एवं अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने वाली ग्रीन कॉरिडोर के तीसरे-चौथे फेज का शिलान्यास भी हुआ।

झूलेलाल वाटिका में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि योगी जी को लोग बुलडोजर बाबा के नाम से जानते हैं। इन्होंने माफियाओं को सही कर दिया। बुलडोजर सिर्फ तोड़ने का ही नहीं। नए विकास की जमीन भी तैयार करता है।
राजनाथ ने कहा- डिफेंस सेक्टर में भी लखनऊ पीछे नहीं है। ब्रह्मोस, एयरो स्पेस से संबंधित काम भी लखनऊ में होगा। ब्रह्मोस से हमने आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। अगर उन्होंने दोबारा कभी ऐसा करने का सोचा तो वह इससे कभी उबर नहीं पाएंगे। ब्रह्मोस की टेस्टिंग, इंटीग्रेशन फैसिलिटी का काम अब लखनऊ में होगा। लखनऊ देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती देने का काम हो रहा है।
लखनऊ में बनी ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान में ऐसी तबाही मचाई कि वह कांप गया।। उन्होंने कहा लखनऊ देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का काम कर रहा है लखनऊ से सैनिक भेजता है। लखनऊ से हथियार भेजता है। और लखनऊ से ही सांसद भेजा है। जिसके ऊपर पूरे देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। लखनऊ का आपका संसद देश के लिए समर्पित भाव से काम कर रहा हैं।

इस महीने के अंत या अप्रैल महीने की शुरुआत में ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे शुरू हो जाएगा। इसके बाद दोनों शहरों के बीच की दूरी मात्र 35 से 40 मिनट के बीच तय हो सकेगी।

सीएम विकास के साथ ही स्वच्छता पर भी ध्यान दे रहे। घर घर से कूड़ा उठाया जा रहा। पहले लोग गोमती में कूड़ा फेंक देते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है। पिछले साल लखनऊ को स्वच्छता में तीसरी रैंक मिल चुकी है, इसके लिए सभी को बधाई।

रक्षा मंत्री ने कहा कि डालीगंज पुल से समतामूलक चौक तक करीब सात किलोमीटर लंबाई वाले ग्रीन कॉरिडोर को आज लखनऊ की जनता को समर्पित किया जा रहा है। इसके शुरू होने से लगभग 15 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा और शहर में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस परियोजना की विशेषता यह है कि इसमें सिविल और डिफेंस सेक्टर दोनों ने मिलकर काम किया है। परियोजना में रक्षा भूमि का भी प्रभावी उपयोग किया गया है और भूमि आवंटन से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद रक्षा विभाग ने पूरा सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि जब सिविल और डिफेंस सेक्टर आपसी तालमेल से काम करते हैं तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है और यह परियोजना उसका उदाहरण है। उन्होंने बताया कि ग्रीन कॉरिडोर के अगले चरण में समतामूलक चौक से शहीद पथ तक लगभग 10 किलोमीटर तक इसका विस्तार किया जाएगा। यह कॉरिडोर शहीद पथ और किसान पथ जैसे रिंग रोड को आपस में जोड़ेगा, जिससे शहर में जाम की समस्या कम होगी और लोगों का यात्रा समय भी बचेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। निर्माण कार्य के दौरान यदि कोई पेड़ बाधा बना तो उसे काटने के बजाय सावधानीपूर्वक दूसरी जगह प्रत्यारोपित किया गया। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ सौ से अधिक पेड़ों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। घर-घर से कचरा संग्रहण की व्यवस्था लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में मिलियन प्लस शहरों की श्रेणी में लखनऊ को देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा कि शहर के समग्र और वैज्ञानिक विकास के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर और लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लखनऊ के विकास का दीर्घकालिक मास्टर प्लान तैयार करना है, जिससे शहर का विकास सुनियोजित और संतुलित तरीके से हो सके। उन्होंने कहा कि लखनऊ में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। शहर के पार्कों में ओपन जिम लगाए गए हैं ताकि बुजुर्ग और महिलाएं टहलने के साथ-साथ व्यायाम भी कर सकें। इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए विश्राम सदन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ के अंदर कनेक्टिविटी को प्रभावी बनाने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जब अपना विजन हमें बताया तो हमने इसे लखनऊ विकास प्राधिकरण को बताया। इसके बाद प्रशासन की जिस जमीन पर अतिक्रमण किया गया था, उसी जमीन से कब्जा हटाकर उसी पैसे का प्रोजेक्ट बनाया गया। इसमें शासन ने प्राधिकरण को पैसा नहीं दिया है।
लखनऊ ए आई सिटी के रूप में विकसित होगा। सरकार ने इसके लिए भी धन की व्यवस्था कर ली है। दुश्मन को ठिकाने लगाने वाले ब्रह्मोस के इंजीनियर ज्यादातर AKTI, पॉलीटेक्निक और सरकारी कालेजों से हैं। लखनऊ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित हो रहा है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि राजनाथ सिंह ने जबसे कमान संभाली है तब से लखनऊ विकास के मामले में नंबर वन है। लखनऊ में रक्षा मंत्री ने ओपन जिम लगवाने का काम किया है।
ग्रीन कॉरिडोर बनने के बाद डालीगंज से हरहरवुआ दाबे IIM रोड तक चले जाओ, 15 मिनट लगेगा।
क्षेत्रीय विधायक डॉ नीरज बोरा मैं लखनऊ विकास प्राधिकरण की सराहना करते हुए कहा कि ग्रीन कॉरिडोर बनाने में एक भी पेड़ काटकर उसकी क्षति नहीं की गई बल्कि 166 पेड़ों का प्रत्यारोपण किया गया।

कॉरिडोर का निर्माण रिकॉर्ड समय में काम पूरा करने वाले श्रमिकों को भी सम्मानित किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों पर पुष्प वर्षा भी की।

गोमती नदी के दोनों किनारों पर बन रहा ग्रीन कॉरिडोर कुल 57 किमी लंबा है। इसे 4 फेज में विकसित किया जा रहा। इसमें चौड़ी सड़कें, 6 लेन, हरियाली और सुगम यातायात के लिए मॉडर्न डिजाइन अपनाई गई है। फेज-2 शुरू होने से करीब 10 लाख लोगों को फायदा मिलेगा।

मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग ने बताया कि इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ,राज्यसभा सांसद डॉ० दिनेश शर्मा ,राज्यसभा सांसद संजय सेठ जी, महापौर सुषमा खर्कवाल महानगर अध्यक्ष, आनंद द्विवेदी, सदस्य विधान परिषद डॉ० महेंद्र सिह, मुकेश शर्मा ,विधायक डॉ० नीरज बोरा, ओ०पी० श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ० लालजी प्रसाद निर्मल ,अवनीश कुमार सिंह, रामचंद्र प्रधान, विधायक योगेश शुक्ला ,अमरेश कुमार, विधायिका जया देवी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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