रायबरेली फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में आज पुलिस ने करी सात और गिरफ्तारियां अब तक कुल सत्रह गिरफ्तारियां

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यूपी लाइव न्यूज 24 पोर्टल यूट्यूब चैनल लखनऊ रायबरेली

वरिष्ठ ब्यूरो प्रमुख हेमराज मौर्या रायबरेली

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सलोन का फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र कांड में आज सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है। रायबरेली पुलिस व एटीएस की फील्ड यूनिट और ऑप्स टीमों ने एक बार फिर पूर्वांचल के जिलों में छापेमारी की है। यूपी एटीएस लगातार इस मामले में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रहा है
लगातार दूसरे दिन यूपी एटीएस की ऑफ टीमों ने प्रयागराज, अंबेडकर नगर, मुरादाबाद, बहराइच, बलिया शाहजहांपुर के रहने वाले सात लोगों को पकड़ा है। रायबरेली पुलिस आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में लेकर लखनऊ पहुंची थी। सलोन फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में अभी तक कुल सत्रहलोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
इस मामले में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार अग्रवाल ने बताया कि थाना सलोन में एडीओ पंचायत की शिकायत पर चार लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके भी जेल भेजा गया था। इसी क्रम में कल 7 व्यक्तियों की गिरफ्तारी की गई है। यह गिरफ्तारी एटीएस व थाना सलोन पुलिस के द्वारा की गई है। जिन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है उनका नाम सतीश कुमार निवासी महाराजगंज, नीरज निवासी प्रयागराज, नीरज निवासी शाहजहांपुर, आरिफ अली निवासी मुरादाबाद, शाहनवाज निवासी बलिया व कुलदीप सिंह निवासी बहराइच कुल 7 लोगों को गिरफ्तार करके न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है
एसपी ने बताया कि इनके पास से मोबाइल व लैपटॉप भी बरामद किया गया है। सभी अभियुक्तों ने पूछताछ में यही बात बताई कि उनका एक व्हाट्सएप ग्रुप बना हुआ था। जिन व्यक्तियों को भी फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती थी वह व्यक्ति उनसे संपर्क करते थे। ग्राम विकास अधिकारी की आईडी व पासवर्ड के जरिए व उनके सहयोग से सभी लोग फर्जी जन्म प्रमाण पत्र व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाते थे। अधिक पैसा कमाने के लालच में यह कार्य उनके द्वारा किया जाता था। जिनको भी सरकारी योजना का अनैतिक रूप से लाभ लेना होता था वह व्यक्ति उनसे संपर्क करते था। इन अभी को जेल भेजा गया है। आगे की विवेचना जारी है। अभी तक इस मामले में 17 लोगों के गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले में यह भी पता किया जा रहा है कि सलोन के ग्राम विकास अधिकारी के अलावा भी अन्य जगहों पर ग्राम विकास अधिकारी के यूजर पासवर्ड यूज करके क्या यह फर्जी प्रमाण पत्र बनाये जा रहे थे।

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