पारदर्शिता बनाम अवरोध: विदेशी फंडिंग पर नियंत्रण से विकास को मिलेगा बल

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

राष्ट्रहित सर्वोपरि: डॉ. राजेश्वर सिंह ने विदेशी फंडिंग के दुरुपयोग पर जताई चिंता

*लखनऊ।* डॉ. राजेश्वर सिंह ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट में किए गए संशोधनों का समर्थन करते हुए कहा कि विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना देशहित में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विदेशी अंशदान का उद्देश्य सामाजिक विकास होना चाहिए, न कि उसका दुरुपयोग व्यक्तिगत लाभ या विकास परियोजनाओं में अवरोध उत्पन्न करने के लिए किया जाए।

डॉ. सिंह ने आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश में लगभग 20,000 NGOs के FCRA लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए हैं, जो नियमों के उल्लंघन और अनुपालन की कमी को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि 2017 से 2022 के बीच लगभग ₹88,000 करोड़ से अधिक की विदेशी फंडिंग NGOs को प्राप्त हुई है, जबकि वर्तमान में भी प्रति वर्ष लगभग ₹20,000 करोड़ विदेशी फंड भारत में आ रहा है।

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि के प्रवाह के बीच पारदर्शिता और निगरानी अत्यंत आवश्यक हो जाती है। उन्होंने कहा कि देश की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं, जैसे Sardar Sarovar Dam और Kudankulam Nuclear Power Plant, विभिन्न कारणों से विलंब का सामना कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार की जाने वाली याचिकाएं, विरोध और प्रक्रियात्मक अड़चनें विकास की गति को प्रभावित करती हैं, जिससे लागत में वृद्धि, ऊर्जा और सिंचाई लाभ में देरी तथा निवेश माहौल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

डॉ. सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन विदेशी फंडिंग के माध्यम से निरंतर मुकदमेबाजी और विकास परियोजनाओं में अवरोध उत्पन्न करना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि विदेशी फंडिंग का उपयोग पारदर्शी और राष्ट्रहित के अनुरूप हो।

नीतिगत सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि FCRA फंडिंग में रियल-टाइम पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, अनुमोदन और न्यायिक प्रक्रियाओं को समयबद्ध बनाया जाए, तथा निरर्थक मुकदमों पर लागत और दंड का स्पष्ट प्रावधान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विकास परियोजनाओं को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

डॉ. सिंह ने FCRA Amendment 2020 को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा, संप्रभुता और विकास को सुदृढ़ करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में उठाए गए इस कदम की सराहना की।

उन्होंने अंत में कहा कि देश की सुरक्षा, संप्रभुता और विकास सर्वोपरि हैं, और इनके संरक्षण के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाना चाहिए।

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