यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
लखनऊ नगर निगम विशेष सदन की बैठक बिना एजेंडे के बुलाये जाने पर कांग्रेस पार्टी के पार्षदो ने विरोध किया गया क्योकि इस सदन की बैठक में लखनऊ शहर के जनमानस से जुड़े कोई मुद्दे बैठक में नहीं रखे गये जिस पर चर्चा व विचार किया जा सके।
सदन में नारी वंदन अधिनियम 2023 जो अब कानून बन चुका है, उसे भाजपा को लागू करना चाहिए लेकिन लोक सभा में डिलिमिटेशन (परिसीमन) बिल फेल होने पर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के दबाव में महापौर द्वारा नगर निगम विशेष सदन की बैठक में नारी वंदन अधिनियम 2023 पर चर्चा अनावश्यक रूप से करायी गयी।
कांग्रेस पार्टी के पार्षदो ने सदन का बहिष्कार किया और अनावश्यक रूप से सदन में नारी वंदन अधिनियम की चर्चा के खिलाफ सदन के बाहर धरना दिया और महापौर को ज्ञापन भी सौंपा गया।
आज के सदन से पूर्व महापौर को महिला आरक्षण के संबंध में 2023 में पारित नारी वंदन अधिनियम कानून के संबंध में प्रस्ताव रखने हेतु पूर्व दिवस दिनांक 22.04.2026 को निम्नलिखित बिन्दुओं पर ज्ञापन देते हुए मांग की गयी परन्तु आज के सदन के एजेंडे में इन बिन्दुओं को शामिल नहीं किया गया।
आज पुनः ज्ञापन के माध्यम से महापौर को अवगत कराया गया कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के अथक प्रयासों से देश में स्थानीय निकायों एवं पंचायतों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण हासिल हुआ था।
कांग्रेस के इस कालजयी निर्णय के चलते आज हमारे लखनऊ नगर निगम सदन में बड़ी तादाद में महिलाएं पार्षद के रूप में जनसेवा व विकास में योगदान दे रही हैं तथा मांग की गयी कि :-
1. प्रस्तावित सदन की बैठक में संसद द्वारा पारित व अधिसूचित महिला आरक्षण कानून 2023 को अविलंब जस का तस लागू किया जाए।
2. अब से देश में होने वाले सभी विधानसभा व लोकसभा के चुनावों में 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू कर दिया जाए।
3. पंचायतों व स्थानीय निकायों में लागू किए गए 33 फीसदी आरक्षण के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के लिए धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाए।
4. विभाजनकारी परिसीमिन विधेयक को नामंजूर कर देश की एकता-अखंडता को बरकरार रखने के लिए संसद के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया जाए।
यह भी उल्लेखनीय है कि जनता के खून-पसीने की कमाई को करों के रूप में वसूल कर लोकतंत्र का यह सदन संचालित होता है जहां लखनऊ के विकास की योजनाओं पर चर्चा व समीक्षा की जानी चाहिए ना कि 20 से 25 रुपये की बर्बादी कर भा.ज.पा. के राजनीतिक एजेंडे की पूर्ति करने का काम करना चाहिए था।