नई दिल्ली अमेरिकाआखिर डोनाल्ड ट्रंप से कौन सी दुश्मनी निभा रहा ईरान? हैक कर रहा सीक्रेट ‘राज कहीं हराने की ये चाल तो नहीं ये

Spread the love

यूपी लाइव न्यूज 24 प्रदेश जनहित खबर पोर्टल यूट्यूब चैनल लखनऊ रायबरेली

सह संपादक कपिल गुप्ता रायबरेली

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान एक-दूसरे के जानी दुश्मन हैं. दोनों एक-दूसरे को फूटी आंख भी नहीं सुहाते हैं. यही वजह है कि अमेरिका और ईरान की अदावत शुरू से चलती आ रही है. अब जब अमेरिका में नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं, ऐसे में ईरान का जिक्र न हो, भला यह कैसे हो सकता था. जी हां, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को अब ईरान प्रभावित करने लगा है. डोनाल्ड ट्रंप की कैंपेन टीम ने दावा किया है कि उनकी एक वेबसाइट को ईरान ने हैक किया है. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम ने बताया कि उनके साथ हैकिंग हुई है. टीम के मुताबिक, गोपनीय दस्तावेज चुराने और उन्हें फैलाने में ईरानी लोगों का हाथ हो सकता है. ट्रंप टीम का यह दावा माइक्रोसॉफ्ट के खुलासे के बाद आया है. टीम ने उस रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें ईरान पर आरोप लगाए गए हैं.

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान टीम ने पुष्टि की है कि उनके कुछ गोपनीय संवाद हैक कर लिए गए हैं. यह बात तब आई जब पॉलिटिक्स को एक अज्ञात सोर्स से ईमेल मिलने शुरू हुए. इनमें कथित तौर पर डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान के गोपनीय दस्तावेज थे. ट्रंप के चुनाव अभियान टीम ने इस सेंधमारी के लिए हालिया माइक्रोसॉफ्ट रिपोर्ट का हवाला दिया है और ‘अमेरिका से दुश्मनी रखने वाले विदेशी स्रोतों’ को जिम्मेदार ठहराया. हालांकि, उसने सीधे तौर पर ईरान का नाम नहीं लिया. इधर, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने खुलासे में यह साफ तौर पर मेंशन नहीं किया है कि अमेरिका में किस कैंपेन टीम को टारगेट किया गया. पर ट्रंप ने दावा कर दिया है कि ईरान ने उनकी ही कैंपेन टीम को टारगेट किया है.

माइक्रोसॉफ्ट ने क्या खुलासा किया
दुनिया की दिग्‍गज आईटी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने शुक्रवार को इस बाबत सनसनीखेज दावा किया. माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, ईरान ऑनलाइन गतिविधियों में तेजी ला रहा है. इसका उद्देश्य अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करना प्रतीत होता है. इसने कहा कि ‘ईमेल फिशिंग’ हमले के जरिए राष्ट्रपति चुनाव प्रचार अभियान को निशाना बनाया जा रहा है. बता दें कि निजी या आपके ऑनलाइन खातों की जानकारी चुराने की कोशिश को ‘फिशिंग’ कहते हैं. इसके लिए धोखाधड़ी वाले ईमेल, संदेश, विज्ञापनों या ऐसी साइट का इस्तेमाल किया जाता है जो उन साइट की तरह दिखती हैं, जिनका आप पहले से इस्तेमाल कर रहे हैं

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को क्या संदेश दिया
इधर, डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ’ पर लिखा, ‘माइक्रोसॉफ्ट ने हमें अभी बताया है कि हमारी एक वेबसाइट को ईरानी सरकार ने हैक कर लिया है. ये ठीक नहीं है. उन्हें केवल सार्वजनिक जानकारी ही मिल पाई है, लेकिन ऐसा करना गलत है. हमारी सरकार कमजोर और बेअसर है, इसलिए ईरान और दूसरे देश कुछ भी करने से बाज नहीं आते. मगर अब ऐसा अधिक दिन नहीं चलेगा. ईरान को ये समझ नहीं आ रहा कि मैं दुनिया को एक बेहतर और सुरक्षित जगह बनाने वाला हूं, और ये उनके लिए भी अच्छा है!’

ट्रंप टीम ने क्या कहा?
वहीं, ट्रंप के प्रचार अभियान के प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने कहा, ‘ये दस्तावेज अमेरिका के प्रति शत्रुतापूर्ण विदेशी स्रोतों से अवैध रूप से प्राप्त किए गए. इनका उद्देश्य 2024 के चुनाव में हस्तक्षेप करना और हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अराजकता फैलाना है.’ उन्होंने इस घटना की टाइमिंग को माइक्रोसॉफ्ट की एक रिपोर्ट से भी जोड़ा. माइक्रोसॉफ्ट रिपोर्ट में जून 2024 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के एक टॉप रैंकिंग वाले अधिकारी के खाते से ईरानी हैकरों द्वारा छेड़छाड़ का उल्लेख किया गया था. यह समय ट्रंप द्वारा उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के चयन के समय से मेल खाता है.

रिपोर्ट में क्या?
बता दें कि माइक्रोसॉफ्ट थ्रेट एनालिसिस सेंटर की लेटेस्ट रिपोर्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में विदेशी ताकतों, खासकर ईरान की बढ़ती साइबर गतिविधियों पर फोकस किया गया है. इससे पहले रूस और चीन की गतिविधियों पर रिपोर्ट आने के बाद माइक्रोसॉफ्ट थ्रेट एनालिसिस सेंटर की यह सीरीज की तीसरी रिपोर्ट है. माइक्रोसॉफ्ट की नई खुफिया रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि ईरान एक अन्य चुनाव के लिए अपनी रणनीति विकसित कर रहा है, जिसके वैश्विक प्रभाव होने की आशंका है. हालांकि, ईरान ने इन आरोपों का खंडन किया है. ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने इस बात से इनकार किया है कि उसकी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप करने या साइबर हमले करने की कोई योजना है.

ईरान पर हुआ था एक और खुलासा
गौरतलब है कि ईरान खास तौर पर डोनाल्ड ट्रंप का विरोध करता रहा है. इससे पहले अमेरिकी न्याय विभाग ने ईरान से संबंध रखने वाले एक पाकिस्तानी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक आरोपों का खुलासा किया था. उस पर कई अधिकारियों, जिनमें संभवतः ट्रंप भी शामिल हैं, की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. बता दें अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच महामुकाबला है. दोनों के बीच अभी कांटे की टक्कर दिख रही है. किसी सर्वे में ट्रंप आगे हो जाते हैं तो किसी में कमला हैरिस आगे हो जाती हैं. अब पांच नवंबर को ही पता चल पाएगा कि आखिर अमेरिका का नया बॉस कौन होता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *