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पीड़ित परिवार की एफआईआर तो दूर पीड़ित को पुलिस ने डाट कर भगाया परिजनों ने आईजी प्रवीण कुमार से की मुलाकात
अयोध्या। राम नगरी मे राम लला का दर्शन व सरयू स्नान करने महाराजगंज जनपद के थाना परसा मलिक के ग्राम सेखुआनी से 10 अगस्त को आए वीरेंद्र गौड की पुत्री पल्लवी गौड़ (24) जो 11 अगस्त को अपरान्ह 3.30 बजे पानी की बोतल लाने लता मंगेशकर चौक गई थी। वहीं से गुम हो गई। पिता वीरेंद्र गौड़ ने अयोध्या मे काफी तलाश की किन्तु पल्लवी का कहीं कोई पता नहीं लगा। बेटी के गुम हो जाने से पीड़ित परिवार ने कोतवाली अयोध्या मे तहरीर देकर बेटी की खोज कराने के लिए अनुरोध किया तो कोतवाल ने उसे डाटकर भगा दिया। पीडित पिता ने आईजी अयोध्या व एसएससी को प्रार्थना पत्र देकर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने व पल्लवी की खोज कराने के लिए अयोध्या कोतवाली की पुलिस को निर्देशित करने का अनुरोध किया है। पीडित परिवार चार दिन से अधिकारियों की चौखट पर दस्तक दे रहा है , किन्तु उसे अबतक कोई आशा की किरण दिखाई नहीं दे रही है। एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी मे नारी सुरक्षा का दावा करते हैं तो वहीं रामनगरी जैसे सुरक्षित स्थान से एक किशोरी के गुम हो जाने व उल्टे पुलिस द्वारा पीड़ित माता पिता को कोतवाली से भगा देने जैसा व्यवहार मुख्यमंत्री के दावे की पोल खोल रहा है। अयोध्या कोतवाली की पुलिस की इस शर्मनाक हरकत को लेकर गौड़ समाज के लोगों मे पुलिस की कार्यशैली पर आक्रोश है।