यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश
पीलीभीत 12 सितंबर 2026
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के मुस्तफाबाद में वन्यजीव संरक्षण के जमीनी प्रहरियों के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कार्यक्रम में बाघ मित्रों, वनकर्मियों, गाइड्स और ड्राइवर्स को सम्मानित करते हुए उनके कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
यह तराई क्षेत्र में Environment Warriors द्वारा आयोजित 10वां वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रम था, जिसका आयोजन श्री माँ पीताम्बरा बगलामुखी सिद्धि पीठ उत्तराखंड ट्रस्ट के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम में पूरनपुर विधायक श्री बाबूराम पासवान; श्री मनीष सिंह, IFS, DFO पीलीभीत; अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त Wildlife Filmmaker श्री सुब्बैया नल्लामुथु; श्री अम्बिका मिश्रा, Founder–Environment Warriors एवं Chairman–Ambalika Group of Institutions तथा Ranger श्री शैलेन्द्र कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
140 बाघ मित्र सम्मानित; वनकर्मियों को सुरक्षा सामग्री
बाघ एवं वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे 140 बाघ मित्रों को प्रशस्ति-पत्र, टॉर्च और साड़ी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जंगलों की कठिन परिस्थितियों में कार्यरत वनकर्मियों की सुरक्षा एवं त्वरित प्राथमिक उपचार के लिए वन विभाग को 50 रेनकोट तथा 10 मेडिकल/फर्स्ट-एड किट भी प्रदान की गईं। वन्यजीव संरक्षण, पर्यटन और स्थानीय समुदाय के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करने वाले गाइड्स एवं ड्राइवर्स को भी सम्मानित कर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।
बीमा, रोजगार और उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान राशि
डॉ. राजेश्वर सिंह ने घोषणा की कि अक्टूबर 2026 में Wildlife Week के दौरान विशेष बीमा शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से पात्र बाघ मित्रों को ₹5 लाख का जीवन बीमा एवं ₹2 लाख का चिकित्सा बीमा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
बाघ संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए अगले वर्ष पांच सर्वश्रेष्ठ बाघ मित्रों को ₹25,000-₹25,000 की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।
बाघ मित्रों एवं अन्य पात्र संरक्षण सहयोगियों के बायोडाटा भी एकत्र किए जाएंगे, ताकि उनकी योग्यता और मैदानी अनुभव के अनुरूप उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सके।
डॉ. सिंह ने आश्वासन दिया कि किसी बाघ मित्र अथवा वन्यजीव संरक्षण से जुड़े सहयोगी की असमय मृत्यु होने पर उसके परिवार की आवश्यकताओं एवं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यथासंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
सुब्बैया नल्लामुथु दुनिया तक पहुंचाएंगे पीलीभीत और तराई की वन्यजीव गाथा
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त Wildlife Filmmaker श्री सुब्बैया नल्लामुथु द्वारा तराई क्षेत्र एवं पीलीभीत टाइगर रिजर्व पर फिल्म निर्माण की घोषणा रही। उन्हें इस महत्वपूर्ण फिल्म के निर्माण की अनुमति प्रदान की गई है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने श्री नल्लामुथु का परिचय कराते हुए बताया कि वन्यजीव फिल्म निर्माण में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें पांच बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी फिल्मों ने भारत के जंगलों, बाघों एवं अन्य वन्यजीवों की असाधारण कहानियों को विश्वभर के दर्शकों तक पहुंचाया है।
रणथंभौर की विश्वप्रसिद्ध बाघिन ‘मछली’ पर बनाई गई उनकी फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक लोकप्रियता अर्जित की और भारतीय वन्यजीवों पर बनी सर्वाधिक चर्चित एवं देखी गई फिल्मों में स्थान बनाया। वर्षों की कठिन और धैर्यपूर्ण शूटिंग के माध्यम से उन्होंने केवल एक बाघिन का जीवन ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों, जंगलों और मानव समुदाय के जटिल संबंधों को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।
पीलीभीत और तराई पर प्रस्तावित फिल्म क्षेत्र के बाघों, तेंदुओं, जंगलों, घास के मैदानों, असाधारण जैव विविधता, संरक्षण प्रयासों तथा स्थानीय समुदायों के योगदान को वैश्विक दर्शकों के सामने रखेगी।
इस फिल्म से पीलीभीत टाइगर रिजर्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने, जिम्मेदार Wildlife Tourism को बढ़ावा मिलने तथा स्थानीय गाइड्स, ड्राइवर्स, Homestays, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
डॉ. सिंह ने कहा कि यह फिल्म वन्यजीव संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के साथ पीलीभीत को भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय Wildlife Destinations में स्थापित करने का सशक्त माध्यम बनेगी।
पीलीभीत में शीघ्र शुरू होगा अत्याधुनिक Leopard Rescue Centre
DFO पीलीभीत श्री मनीष सिंह, IFS ने घोषणा की कि पीलीभीत में अत्याधुनिक Leopard Rescue Centre का शीघ्र उद्घाटन किया जाएगा।
यह विशिष्ट केंद्र तेंदुओं के त्वरित रेस्क्यू, उपचार, पुनर्वास एवं वैज्ञानिक प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करेगा। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में तेज प्रतिक्रिया सुनिश्चित कर स्थानीय नागरिकों और वन्यजीवों—दोनों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
“पीलीभीत को विश्व के Wildlife Map पर स्थापित करेंगे” — बाबूराम पासवान
पूरनपुर विधायक श्री बाबूराम पासवान ने कहा कि पीलीभीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त वन्यजीव पर्यटन स्थल बनाने तथा पीलीभीत टाइगर रिजर्व को देश के सर्वश्रेष्ठ टाइगर रिजर्व्स में प्रथम स्थान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जिम्मेदार Wildlife Tourism स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजित करने, ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और पूरे तराई क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देने का सशक्त माध्यम बन सकता है।
शासन को भेजे गए ₹10 लाख के प्रस्ताव की करेंगे प्रभावी पैरवी
डॉ. राजेश्वर सिंह ने वन्यजीव संरक्षण एवं इससे जुड़े हितधारकों के कल्याण के लिए शासन को भेजे गए ₹10 लाख के प्रस्ताव की प्रभावी पैरवी करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव की शीघ्र स्वीकृति एवं क्रियान्वयन के लिए उचित स्तर पर विषय उठाया जाएगा।
“जो हमारे बाघों की रक्षा करते हैं, उनकी सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी” — डॉ. राजेश्वर सिंह
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा:
“बाघ मित्र, वनकर्मी, गाइड्स और ड्राइवर्स हमारे जंगलों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा की सबसे मजबूत जमीनी कड़ी हैं। उनके योगदान का सम्मान केवल प्रशस्ति-पत्र तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षा उपकरण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देना भी हमारा दायित्व है।”
उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से वन्यजीव संरक्षण सफल नहीं हो सकता। जंगलों के आसपास रहने और कार्य करने वाले समुदायों को संरक्षण अभियान का सम्मानित, सुरक्षित एवं आर्थिक रूप से सशक्त भागीदार बनाना आवश्यक है।
“बाघों की रक्षा का अर्थ उन लोगों की रक्षा करना भी है, जो प्रतिदिन खतरे और जंगल के बीच प्रहरी बनकर खड़े रहते हैं। बाघ बचेंगे तो जंगल बचेंगे; जंगल बचेंगे तो पर्यावरण बचेगा और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा।” — डॉ. राजेश्वर सिंह