यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
दुष्यंत कुमार की पंक्ति “कौन कहता है आसमां में सुराख हो नहीं सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो,” को बिहार के जमुई जिले के झाझा निवासी अभिषेक कुमार यादव ने सच साबित कर दिया है. विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, अभिषेक कुमार यादव ने हिम्मत नहीं हारी और आज उसने ऐसा कर दिखाया है जिसकी हर तरफ प्रशंसा हो रही है.
यह परिवार झाझा निवासी इंद्रदेव यादव का है, जो जमुई के व्यवहार न्यायालय में वकालत करते हैं. उनके होनहार बेटे अभिषेक कुमार यादव अब लंदन जाकर गूगल में नौकरी करेंगे. गूगल ने उन्हें 2.07 करोड़ सालाना के पैकेज पर बुलावा भेजा है. इससे पहले, अभिषेक ने अमेजन में भी नौकरी की है.