इसरो ने एलन मस्क की कंपनी से मिलाया हाथ, लॉन्च होगी भारत की सबसे एडवांस सैटेलाइट; पांच सौ करोड़ किए खर्च

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

वरिष्ठ संपादक अभिषेक उपाध्याय नई दिल्ली

भारत का सबसे एडवांस बैंड सैटेलाइट है। इसकी मल्टी-बीम आर्किटेक्चर और स्पॉट बीम तकनीक से यह प्रणाली की क्षमता में जबरदस्त इजाफा करेगा।

भारत जल्द ही अपने सबसे एडवांस कम्युनिकेशन सैटेलाइट जी एस ए टी एन ट्वेंटी को लॉन्च करने वाला है। इस सैटेलाइट को जी एस ए टी ट्वेंटीभी कहा जाता है। इसे अमेरिका के केप कैनावेरल से एस पी ए सी ई सी एक्स के एफ ए एल सी ओ एन 9 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाएगा। यह सैटेलाइट भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा तैयार किया गया है। करीब सैंतालीस सौ किलोग्राम वजन वाले इस सैटेलाइट को भारतीय रॉकेट के माध्यम से लॉन्च करना संभव नहीं था, इसलिए इसे विदेशी कॉमर्शियल लॉन्च के माध्यम से प्रक्षेपित किया जा रहा है।

दूर-दराज क्षेत्रों और उड़ानों में इंटरनेट सेवा के लिए होगा इस्तेमाल

जब यह सैटेलाइट काम करना शुरू कर देगी, तो यह भारत के दूरस्थ इलाकों में डेटा और इंटरनेट सेवाएं प्रदान करेगी। इसके अलावा, यह यात्री विमानों में इन-फ्लाइट इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। हालांकि, सैटेलाइट से इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने में थोड़ा समय लगेगा, क्योंकि इसके लिए सेवा प्रदाताओं को लाइसेंस प्राप्त करना होगा और विमानों को सैटेलाइट-आधारित इंटरनेट से जुड़ने के लिए तैयार करना होगा।

भारत का सबसे एडवांस और उच्च-क्षमता वाला सैटेलाइट

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, ISRO के UR राव सैटेलाइट सेंटर के निदेशक डॉ. एम शंकरण के अनुसार, “यह घरेलू रूप से निर्मित सैटेलाइट भारत के इन-फ्लाइट इंटरनेट कनेक्टिविटी के क्षेत्र में मौजूद बड़ी कमी को पूरा करेगा।” अब तक, जब भी कोई अंतरराष्ट्रीय उड़ान भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करती थी, उसे इंटरनेट सेवा बंद करनी पड़ती थी क्योंकि भारत में इसकी अनुमति प्राप्त नहीं थी।

GSAT-N2 भारत का सबसे एडवांस Ka-बैंड सैटेलाइट है। इसकी मल्टी-बीम आर्किटेक्चर और स्पॉट बीम तकनीक से यह प्रणाली की क्षमता में जबरदस्त इजाफा करेगा। सैटेलाइट में 32 यूजर बीम हैं, जिनमें से 8 उत्तर-पूर्व क्षेत्र के लिए संकीर्ण बीम और शेष 24 भारत के अन्य हिस्सों के लिए व्यापक बीम हैं।

एन एस आई एल के तहत वाणिज्यिक लॉन्च

यह लॉन्च ई एस रो की कॉमर्शियल शाखा न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के माध्यम से हो रहा है। यह एन एस आई एल का दूसरा कॉमर्शियल सैटेलाइट होगा। इससे पहले एन एस आई एल के 11 सैटेलाइट भारतीय भूभाग की सेवा कर रहे हैं। लॉन्च के लिए स्पेक्स को करीब पाँच सौ करोड़ रुपये का भुगतान किया है। यह भारत का स्पेसएक्स के साथ पहला कॉमर्शियल लॉन्च है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सहयोग से भविष्य में और कॉमर्शियल प्रक्षेपण के द्वार खुलेंगे।
14 साल का मिशन जीवन
जी एस ए टी एन टू का मिशन जीवन 14 वर्ष का है। यह सैटेलाइट छोटे यूजर टर्मिनल्स के साथ बड़े पैमाने पर ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करेगा। इसके संचालन से भारत में ब्रॉडबैंड सेवाओं और इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी में क्रांति आने की उम्मीद है। अमेरिका की प्रमुख सैटेलाइट सेवा प्रदाता कंपनी व्यस्तआई एन सी भी जी एस ए टी ट्वेंटी का इस्तेमाल करके भारत में इन-फ्लाइट और समुद्री कनेक्टिविटी सेवाएं प्रदान करेगी। ई स रोके इस कदम से भारत की अंतरिक्ष और दूरसंचार तकनीक में एक नई उपलब्धि जुड़ने जा रही है, जो देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

स्पेसऔर9 के मालिकस्पेसएक्स की स्थापना एलन मस्क की थी और वही इसके मालिक हैं। एलन मस्क एक अमेरिकी उद्योगपति, निवेशक और दुनिया के अग्रण

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