यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
वरिष्ठ संपादक अभिषेक उपाध्याय
अडाणी जिस एफ सी पी ए कानून में फंसे, उस पर ट्रम्प की क्या सोच है?
ट्रम्प का मानना है कि एफ सी पी ए के तहत सारा नुकसान अमेरिकी कंपनियों को होता है। इस वजह से अमेरिकी कंपनियां बिजनेस में ग्रोथ नहीं कर पातीं। ट्रम्प हमेशा से ही एफ सी पी ए के खिलाफ रहे हैं। अमेरिकी जर्नलिस्ट फिलिप और कैरोल की किताब ‘ए वेरी स्टेबल जीनियस’ में छपे डोनाल्ड ट्रम्प के इस बयान को पढ़िए.
यह बहुत गलत है कि अमेरिकी कंपनियों को विदेशों में बिजनेस करने के लिए रिश्वत देने की इजाजत नहीं है
2017 में व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में ट्रम्प एक मीटिंग ले रहे थे इसमें तत्कालीन विदेश मंत्री रेक्स डब्ल्यू टिलरसन और अन्य अधिकारी मौजूद थे ‘ए वेरी स्टेबल जीनियस’ के मुताबिक, ट्रम्प ने टिलरसन से कहा कि
मैं एफ सी पी ए को खत्म करने में आपका सहयोग चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि आप उस कानून को हटा दें।
टिलरसन ने ट्रम्प से कहा कि वे इस कानून को आसानी से खत्म नहीं कर सकते। इसे खत्म करने के लिए कांग्रेस से इजाजत लेनी होगी। ट्रम्प ने कानून खत्म करने के लिए मसौदा तैयार करने के आदेश दिए। लेकिन 2019 में ट्रम्प के चुनाव हार गए और एफ सी पी ए खत्म नहीं हो सका।