मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने सौरभ शर्मा की हत्या की जताई आशंका

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ब्रह्म अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

वरिष्ठ राष्ट्रीय संपादक अभिषेक उपाध्याय

भोपाल: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की हत्या की आशंका जताई है. जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के 2 दिन पहले ही सौरभ शर्मा को पता चल गया था कि उस पर कार्रवाई होने वाली है. इस मामले में अधिकारियों ने सिर्फ लीपापोती की है. सरकार ने लोकायुक्त की कार्रवाई इसलिए की ताकि ईडी की कार्रवाई के पहले मामला रफा-दफा किया जा सके. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस मामले से पता चलता है कि जब एक सिपाही के पास इतना पैसा पहुंचा तो ऊपर कितना पैसा पहुंचा होगा.

लोकायुक्त की कार्रवाई पर सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि “लोकायुक्त ने जो छापा मारा उससे स्पष्ट हुआ कि पूरी कार्रवाई अधूरी थी. इसमें सरकार की मिली भगत से मामले को निपटाने का प्रयास किया गया था. यह प्रयास लोकायुक्त ने किया था, लेकिन अब इसकी परतें खुल रही हैं. सौरभ शर्मा के मामले में किसका धन है इसका खुलासा होना चाहिए. वह पिछले 10 सालों से सक्रिय रहा है और इन सालों में 2 परिवहन मंत्री रहे हैं. सौरभ शर्मा का पैसा राजनेताओं और लूट का पैसा है. इस मामले से दिखने लगा है कि करप्शन की सरकार कैसी होती है.”

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि “लोकायुक्त ने जब कार्रवाई की उसके 2 दिन पहले ही सौरभ शर्मा को पता चल गया था कि कार्रवाई होने वाली है. ईडी की कार्रवाई के पहले लोकायुक्त के अधिकारियों ने कार्रवाई कर मामले में लीपापोती कर दी. यह इससे ही पता चलता है कि 2 मकान पर कार्रवाई की और बाकी छोड़ दिया. ऐसा लगता है कि ईडी की कार्रवाई के पहले ही लोकायुक्त ने सब साफ कर दिया. सौरभ के पास कई राज हैं, वह कहीं इधर-उधर न हो, इसलिए जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उसे सुरक्षा दी जाए. सागर में एक व्यक्ति आज तक नहीं मिल रहा है, व्यापम के सबूत मिटाने के लिए भी 50 लोगों की हत्या की गई. यदि कोई दुर्घटना होती है या उसकी मौत होती है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.”

दलित युवक की हत्या मामले में 1 करोड़ देने की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दलितों के उत्पीड़न के मामले में सरकार पर निशाना साधा है. जीतू पटवारी ने कहा कि “6 हजार की रिश्वत देने में देरी होने पर 35 साल के युवक की हत्या कर दी गई. पुलिस ने प्रचारित किया कि युवक ने फांसी लगा ली. मैंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरा थाना सस्पेंड करें तो मैसेज जाता है. यदि थाने में रक्षक भक्षक बनते हैं तो समाज में मैसेज जाना चाहिए. मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए, क्योंकि पुलिस ने हत्या की है. पुलिस अनाथ हुए बच्चों की पालक बने.”

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