ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
प्रदेश ब्यूरो चीफ दुर्गेश अवस्थी
नई दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नई दिल्ली से उम्मीदवार प्रवेश वर्मा के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप लगे हैं. आम आदमी पार्टी की शिकायत के आधार पर चुनाव आयोग ने दिल्ली पुलिस को उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दे दिया है.
प्रवेश वर्मा और उनके समर्थकों पर आरोप: आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रवेश वर्मा और उनके समर्थकों ने बिना अनुमति के प्रचार अभियान चलाते हुए जनता को लुभाने के लिए पर्चे बांटे. इन पर्चों में प्रिंटर और प्रकाशक का विवरण नहीं था, जो कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 127-ए का उल्लंघन है. साथ ही, शिकायत में आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘हर घर नौकरी’ योजना के तहत कई स्थानों पर कैंप लगाए और मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की.
आचार संहिता का उल्लंघन: चुनाव आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और संबंधित विभागों को जांच के निर्देश दिए. प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार प्रिंसेस पार्क में आयोग द्वारा भेजी गई फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने क्षेत्र का दौरा किया, लेकिन वहां पर्चे बांटने का कोई सबूत नहीं मिला. शिकायत में यह भी आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने मतदाताओं को लुभाने के लिए नौकरी कैंप आयोजित किए. इन कैंपों को बिना अनुमति संचालित किया गया, जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है.
तत्काल कार्रवाई कर मांगी रिपोर्ट: चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाताओं को लाभ का लालच देना जैसे गारंटी कार्ड बांटना या उनकी व्यक्तिगत जानकारी (नाम, पता, मोबाइल नंबर) एकत्र करना, कानून का उल्लंघन है. आयोग ने दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट देने को करने को कहा है.
अवैध गतिविधियों पर सख्त रोक लगाने का आदेश: आम आदमी पार्टी के कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख प्रेमेंद्र पाल ने इस पूरे मामले को उजागर किया और कहा कि भाजपा यह सब योजनाबद्ध तरीके से कर रही है ताकि मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके. उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि इस तरह की गतिविधियों पर सख्त रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
औपचारिक बयान नहीं: भाजपा की ओर से अभी तक इसपर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है. हालांकि, पार्टी के सूत्र इन आरोपों को बेबुनियाद बता रहे हैं. यदि आरोप साबित होते हैं, तो प्रवेश वर्मा और उनके समर्थकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।