गाजा युद्धविराम में अब भी फंसा है पेच, नेतन्याहू के घर में आया भूचाल, इजरायल में गिर सकती है सरकार

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वरिष्ठ राष्ट्रीय संपादक अभिषेक उपाध्याय नई दिल्ली

इजरायल और हमास के बीच सीजफायर पर बात बन गई है. दोनों के बीच युद्ध का अंत होना साल 2025 की एक बड़ी उपलब्धि है. पिछले साल मई से ही इस समझौते की अलग-अलग रूप चर्चा रही. लेकिन समझौता पूरा होते होते काफी वक्त गुजर गया है. हालांकि युद्ध विराम पर अभी भी कई पेच है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने गुरुवार को कहा कि उनका मंत्रिमंडल गाजा पट्टी में युद्ध विराम और दर्जनों बंधकों की रिहाई के लिए समझौते को मंजूरी देने के लिए तब तक बैठक नहीं करेगा, जब तक हमास पीछे नहीं हटता.

न्यूज के अनुसार रविवार से शुरू होने वाले समझौते के तहत, इजरायल द्वारा कैद किए गए सैकड़ों फिलिस्तीनियों के बदले में अगले छह हफ्तों में 33 बंधकों को रिहा किया जाना है. पुरुष सैनिकों सहित शेष को दूसरे चरण में रिहा किया जाना है, जिस पर पहले चरण के दौरान बातचीत की जाएगी. हमास ने कहा है कि वह स्थायी युद्ध विराम और इजरायल की पूर्ण वापसी के बिना शेष बंदियों को रिहा नहीं करेगा.

नेतन्याहू के घर में भूचाल
सूत्रों के अनुसार इधर नेतन्याहू के नेतृत्व वाली इजरायल की दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के एक मंत्री ने धमकी दी है. मंत्री ने धमकी देते हुए कहा है कि अगर देश फिलाडेल्फी कॉरिडोर से हटता है, जैसा कि संघर्ष विराम समझौते के पहले चरण में बताया गया है, तो वह इस्तीफा दे देंगे. प्रवासी और यहूदी विरोधी भावना से निपटने के मंत्री अमीचाई चिकली नेतन्याहू की पार्टी के पहले सदस्य हैं जिन्होंने समझौते के विवरण को लेकर इस्तीफा देने की धमकी दी है. मंत्री ने अपनी घोषणा के पीछे मुख्य कारण के रूप में मिस्र-गाजा सीमा पर भूमि की संकरी पट्टी, फिलाडेल्फी कॉरिडोर से इजरायल के हटने का हवाला दिया. यह कॉरिडोर संघर्ष विराम वार्ता में एक अड़चन साबित हुआ.

नेतन्याहू की सरकार भी जा सकती है
इससे पहले गुरुवार को इजरायल के वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच की दक्षिणपंथी धार्मिक ज़ायोनिज़्म पार्टी ने धमकी दी थी कि अगर प्रधानमंत्री युद्धविराम-बंधक समझौते के पहले चरण के बाद गाजा में युद्ध में वापस नहीं आते हैं तो वे सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेंगे. नेतन्याहू की सरकार में गठबंधन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखने वाली पार्टी का यह कदम प्रधानमंत्री को अपना बहुमत खोने का कारण बन सकता है. अगर प्रधानमंत्री पार्टी की मांगों के आगे झुक जाते हैं तो रविवार को प्रभावी होने से पहले ही युद्धविराम समझौता टूट सकता है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजरायल के हमले में गाजा में 46,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं. यह नहीं बताया गया है कि मरने वालों में कितने आतंकवादी थे. इजरायल का कहना है कि उसने बिना सबूत दिए 17,000 से अधिक लड़ाकों को मार गिराया है

पिछले मई में जब से इजरायली सेना ने राफा शहर पर कब्जा किया है, तब से सीमा सभी नागरिकों के लिए बंद है. इजरायली, मिस्र और फिलिस्तीनी अधिकारी इसे फिर से खोलने की शर्तों पर सहमत नहीं हो पाए हैं. प्रारंभिक युद्ध विराम समझौते में हर दिन सैकड़ों सहायता ट्रकों को घेरे हुए क्षेत्र में प्रवेश करने की बात कही गई है.

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