ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
बरेली से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पाकिस्तानी महिला ने फर्जी दस्तावेजों की मदद से सरकारी नौकरी हासिल कर ली और स्कूल में टीचर बन गई. पुलिस ने बताया कि उसने एक पाकिस्तानी महिला पर यहां एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में असिस्टेंट टीचर के रूप में नौकरी हासिल करने के लिए कथित रूप से जाली दस्तावेज बनाने का मामला दर्ज किया है.
उन्होंने बताया कि महिला 2015 से माधोपुर के सरकारी प्राइमरी स्कूल में टीचर के पद पर कार्यरत थी. पिछले साल उप-विभागीय मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि फतेहगंज पश्चिमी के खंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत के बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
एफआईआर के अनुसार वेरिफिकेश प्रक्रिया के दौरान इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता को लेकर चिंता जताई गई थी. एसडीएम की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि गलत जानकारी के आधार पर निवास प्रमाण पत्र गलत तरीके से जारी किया गया था. नतीजतन, प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया. शिक्षा विभाग ने खान से कई मौकों पर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन हर जांच में जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई.
एफआईआर के अनुसार 3 अक्टूबर 2024 को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खान को निलंबित कर दिया और बाद में उनकी नियुक्ति की तारीख से उनकी नौकरी समाप्त कर दी. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश और जांच के बाद फतेहगंज पश्चिमी पुलिस स्टेशन में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वारा मामला दर्ज किया गया.