जयपुर के सांगानेर में डबल मर्डर, घर में आए पड़ोसी ने की दंपती की गोली मारकर हत्या

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

प्रदेश ब्यूरो चीफ दुर्गेश अवस्थी

जयपुर : राजधानी के सांगानेर सदर थाना इलाके में शुक्रवार को पति-पत्नी के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. मामले में पत्नी के साथ फैक्ट्री में काम करने वाले युवक पर शक जताया गया है. हत्या के बाद आरोपी फरार है. पुलिस उसे पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है.थाना प्रभारी नंदलाल नेहरा ने बताया कि राजाराम मीणा (27) उसकी पत्नी आशा मीणा (25) मूलतः कोटखावदा हाल शांति नगर कॉलोनी के रहने वाले थे. राजाराम यहां पर पत्नी आशा, भाई आशाराम, बहन मीनाक्षी और पांच साल के बेटे के साथ रहता था. दंपती यहां पर एक फैक्ट्री में मजदूरी करते थे. वारदात के समय बेटा स्कूल गया हुआ था. शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पड़ोसी मोनू पंडित राजाराम के घर पहुंचा था. इस दौरान घर में मीनाक्षी, आशा और राजाराम मीणा मौजूद थे. अचानक मोनू ने मीनाक्षी को घर से बाहर जाने को कहा. इसके बाद तीनों में कोई विवाद हुआ तो मोनू पंडित ने आशा और राजाराम को गोली मार दी.
गोली राजाराम के कान के पास से अंदर घुसी और सिर में फंस गई, जबकि आशा के मुंह की तरफ से गोली अंदर सिर में जाकर फंस गई. आशा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजाराम मीणा को गंभीर हालत में एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया. यहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. बता दें कि आरोपी भी दंपती के साथ कुर्ति बनाने की फैक्ट्री में काम करता था.

आरोपी की तलाश में पुलिस टीम : पुलिस आरोपी मोनू पंडित के नंबरों के आधार पर उसे तलाश रही है. अब तक की जांच में पुलिस को मोनू के तीन नंबर मिले हैं, जिसमें से एक नंबर चालू था, जो दौसा में जाकर बंद हो गया. उसकी तलाश के लिए एक टीग को आगरा भेजा गया है. वहीं, एफएसएल को मौके से जांच में 1 खाली खोल मिला है. पुलिस जांच में सामने आया है कि मोनू, राजाराम के घर से आधा किलोमीटर दूर परिवार सहित रहता है.

बताया जा रहा है कि मोनू कई दिनों से राजाराम की बहन के संपर्क में था. इस बात लेकर राजाराम और आशा ने मोनू को बातचीत करने के लिए घर पर बुलाया था. यहां पर तीनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई. इसपर मोनू ने साथ लेकर लाए हथियार से गोली मारकर दोनों की हत्या कर दी. हालांकि, मोनू के पकड़ में आने के बाद ही हत्या की वजह सामने आएगी.

3:30 घंटे बाद मिली पुलिस को सूचना : पुलिस की जांच में सामने आया है कि घटना सुबह 11 बजे की बताई जा रही है. जब राजाराम का भाई आशाराम डेढ़ बजे घर पहुंचा था, तो दंपती जमीन पर अचेत पड़े मिले थे. आशाराम भी भाभी आशा के साथ कपड़ा फैक्ट्री में काम करता है. यहां पर हत्यारा मोनू भी काम करता है. भाई-भाभी को मृत अवस्था में देख दोनों को इलाज के लिए नारायण हृदयालय में ले जा गया. यहां पर डॉक्टरों ने आशा को मृत घोषित कर दिया. वहीं, राजाराम को एसएमएस रेफर कर दिया गया. यहां राजाराम की भी उपचार के दौरान मौत हो गई.

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