टी ए एस एम ए सी मामले में अनादर करने पर हाई कोर्ट ने की तमिलनाडु सरकार की निंदा

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु राज्य विपणन निगम पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी का विरोध करते हुए याचिका दायर कर हाई कोर्ट का अनादर किया है, जिसकी न्यायाधीशों ने निंदा की है.
तमिलनाडु सरकार और टीएएसएमएसी प्रशासन ने मद्रास हाई कोर्ट में एक मामला दायर कर टीएएसएमएसी मुख्यालय पर 6 से 8 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई छापेमारी को अवैध घोषित करने और जांच के नाम पर अधिकारियों को परेशान करने पर रोक लगाने की मांग की थी.
इस बीच, तमिलनाडु सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में जस्टिस एस.एम. सुब्रमण्यम और जस्टिस के. राजशेखर की हाई कोर्ट की पीठ द्वारा टीएएसएमएसी मामले की सुनवाई का विरोध किया गया था. वहीं 8 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई.
इस स्थिति में, तमिलनाडु सरकार द्वारा मद्रास हाई कोर्ट में पहले से दायर मामला मंगलवार को जस्टिस एस.एम. सुब्रमण्यम और जस्टिस के. राजशेखर की पीठ के समक्ष फिर से सुनवाई के लिए आया. उस समय तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा, “चूंकि हमने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, इसलिए हम इस मामले की सुनवाई स्थगित करना चाहते हैं.
इस पर न्यायाधीशों ने टिप्पणी करते हुए कहा, “यदि आपने कहा होता कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर तब विचार करेगा जब यह सुनवाई के लिए आएगा तो हम इस मामले को सूचीबद्ध नहीं करते.
वहीं न्यायाधीशों ने तमिलनाडु सरकार से पूछा कि ऐसा करके आपने कोर्ट की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है. कम से कम आपको कोर्ट के प्रति ईमानदार होना चाहिए. क्या यह याचिका जनहित में दायर की गई थी? या यह कुछ TASMAC अधिकारियों को बचाने के लिए दायर की गई थी?

इस पर तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा, “याचिका तमिलनाडु सरकार के अधिकारों के लिए दायर की गई थी. उन्होंने कहा कि हमें याचिका दायर करने का अधिकार है.” इसके बाद न्यायाधीशों ने कहा, “यदि मामला सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए नहीं लिया जाता है तो तमिलनाडु सरकार दोपहर में अपनी दलीलें पेश कर सकती है.”
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मद्रास हाई कोर्ट ही कर सकता है फैसला
वहीं तमिलनाडु सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई में जजों ने कहा, ”इस मामले का फैसला मद्रास हाई कोर्ट ही कर सकता है.” इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका वापस लेगी.
मद्रास हाई कोर्ट में पेश हुए तमिलनाडु सरकार के वकील ने अनुरोध किया. “क्या प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के खिलाफ तमिलनाडु सरकार का मामला जारी रहना चाहिए या वापस ले लिया जाना चाहिए? क्या सरकार को अपनी राय व्यक्त करने के लिए समय दिया जाना चाहिए.”

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