कश्मीर हंगामे के बीच जम्मू कश्मीर विधानसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

ब्यूरो प्रमुख दुर्गेश अवस्थी

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सत्र बुधवार को समाप्त हो गया है और स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया है. आज दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होते ही राथर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने वक्फ संशोधन अधिनियम पर स्थगन प्रस्ताव को अनुमति क्यों नहीं दी.

उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए सदन को बताया कि पीठासीन अधिकारी के रूप में उनका अधिकार क्षेत्र सीमित है. उन्होंने कहा कि सदन की यह भावना मीडिया के माध्यम से बाहर लोगों तक जा चुकी है कि इस सदन के अधिकांश सदस्य वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ हैं, लेकिन इस पर चर्चा और स्थगन प्रस्ताव की अनुमति नहीं दी जा सकती.

‘प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए समय चाहिए’

पीपुल्स कांफ्रेंस के विधायक सज्जाद गनी लोन और पीडीपी विधायकों द्वारा उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा नियमों के अनुसार इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए 14 दिन का समय चाहिए, लेकिन चूंकि सदन आज अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने जा रहा है, इसलिए प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जा सकता.

सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित

सदस्यों, प्रशासन, पुलिस और मीडिया का धन्यवाद करने के बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी. इससे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस और बीजेपी विधायकों द्वारा सदन में हंगामा करने के बाद स्पीकर ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा की कार्यवाही दोपहर एक बजे तक स्थगित कर दी थी.

विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा, ‘हमने स्थगन प्रस्ताव इसलिए लाया था क्योंकि हम चाहते थे कि दिहाड़ी मजदूरों को नियमित किया जाए. बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया जाए. सरकार इन चर्चाओं से भाग रही है. असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक को मुद्दा बनाया, जो लागू हो गया है और कानून बन गया है.

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