बैसाखी पर उत्तराखंड में नींबू के पत्ते सूंघने की हैं परांपरा, ऐसा करने से नहीं होती हैं ये भयंकर बीमार‍ियां

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

संपादक प्रवीण सैनी

उत्तराखंड के कुमाऊं के कुछ इलाकों में बैसाखी के त्योहार को बिखौती के नाम से मनाया जाता है। इस दिन दो दिन तक अलग-अलग जगहों पर मेला भरता है।

बिखौती के दिन पहाड़ के कई इलाकों में नींबू की पूजा होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूजा के बाद नींबू के पेड़ के पत्तों और फूलों को सूंघा जाता है। गर्मियों में नींबू का सेवन करने से गर्मियों में फैलने वाली बीमारियां नहीं होती है।

आइए जानते हैं कि नींबू के फूल और पत्तियों को सूंघने के क्या-क्या फायदे होत हैं।

माइग्रेन की समस्या होती है कम

नींबू की पत्तियों में खूब एंटी-ऑक्सीडेंट होता है। माना जाता है कि एंटी-ऑक्सीडेंट प्रभाव शरीर के ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने के साथ ही माइग्रेन की समस्या को सुधारता है। एक्सपर्ट माइग्रेन और मानसिक रोगों से राहत पाने के लिए नींबू के पत्तों को सूंघने की सलाह देते हैं

स्ट्रेस होता है कम

नींबू को सूंघने से ही स्ट्रेस दूर हो जाता है। ये कुछ समय में आपको एनर्जेटिक बना सकता है। इसकी खुशबू हमारे बिहेवियर और भावनाओं पर असर डालता है जिससे हमारा मूड जल्दी फ्रेश हो जाता है। एक्सपर्ट बताती है कि लंबे अरसे से नींबू का इस्तेमाल करने से तनाव करने से असर डालता है।

थकान दूर करता है

नींबू की महक दिमाग को एक्टिव बनाकर कॉग्निटिव फंक्शन में सुधार करता है। नींबू की खुशबू मनुष्यो में सेरोटोनिन नामक हैप्पी हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है। जो आप में खुशी को बढ़ाता है। इससे आपकी थकान दूर होती है और अच्छी नींद आती है।

पेट के कीड़े मारे

नींबू की पत्तियों में एंथेल्मिंटिक गुण मौजूद होता है। यह पेट के कीड़ों से खत्म करता है। नींबू के पत्तों के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से पेट साफ होता है।

किडनी स्टोन की समस्या करे दूर

अगर आप किडनी में स्टोन हो जाता है तो यह आपके लिए किसी रामबाण से कम नहीं है। नींबू के पत्ते में पाया जाने वाला सिट्रिक एसिड किडनी में स्टोन को बनने और बढ़ने से रोकने का काम करता है।

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