ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ उनके एक बयान को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है. इस बात क लेकर राज्य की सियासत गर्म हो चुकी है. दरअसल, पंजाब में लगातार हो रहे ग्रेनेड हमले को लेकर बाजवा ने एक इंटरव्यू में विवादित बयान दे दिया था. उन्होंने कहा कि, पंजाब में 50 ग्रेनेड लाए गए थे, जिनमें से 18 का इस्तेमाल हो चुका है और बाकी 32 ग्रेनेड अभी भी बचे हुए हैं.
उनके इस बयान के बाद पंजाब सरकार ने बाजवा को घेरना शुरू कर दिया है. साथ ही इस बयान को लेकर मोहाली साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाजवा के खिलाफ मोहाली के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में सीआरपीसी की धारा 197 (1) (डी) और 353 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
बीएनएस की धारा 197 (1) (D) भारत की सुरक्षा, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाली झूठी और भ्रामक जानकारी का प्रचार करने और धारा 353 (2) विभिन्न समुदायों के बीच नफरत भड़काने के इरादे से गलत सूचना फैलाने के लिए है. हालांकि, पुलिस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
काउंटर इंटेलिजेंस की पूछताछ
गौरतलब है कि काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने रविवार को प्रताप बाजवा के घर जाकर उनसे पूछताछ की. टीम ने उनसे जानना चाहा कि, उनके इस बयान का आखिर क्या आधार है. एआईजी काउंटर इंटेलिजेंस रवजोत ग्रेवाल ने कहा है कि, यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बेहद संवेदनशील जानकारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि, बाजवा ने जांच में सहयोग नहीं किया और इस जानकारी का स्रोत बताने से भी इनकार कर दिया. शाम को बाजवा के खिलाफ मोहाली में आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया.
क्या आतंकवादी बाजवा को सूचना दे रहे हैं? सीएम भगवंत मान ने पूछे सवाल
इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाजवा पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि, उन्हें (बाजवा) बम धमाके की सूचना कहां से मिली.. क्या उनका पाकिस्तान से सीधा संबंध है और क्या आतंकवादी उन्हें सूचना दे रहे हैं? सीएम ने कहा कि, प्रताप सिंह बाजवा पंजाब में 50 बमों की बात कर रहे हैं. सीएम ने कहा कि, प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस पार्टी के नेताओं को यह पुष्टि करनी चाहिए कि पंजाब में बम कहां रखे गए हैं अन्यथा पुलिस को गलत सूचना देने और आतंक फैलाने के आरोप में प्रताप बाजवा के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया जाएगा.
उन्होंने आगे कहा कि, अगर विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब में बम होने की जानकारी दी है, तो उनका पाकिस्तान से क्या कनेक्शन है. क्या बाजवा को वहां के आतंकवादी उन्हें सीधे फोन करके बता रहे हैं कि उन्होंने कितने बम भेजे हैं. यह जानकारी न तो इंटेलिजेंस के पास है और न ही केंद्र सरकार की तरफ से आई है, लेकिन अगर विपक्ष के इतने बड़े नेता को यह जानकारी मिली है, तो उनकी जिम्मेदारी थी कि वे पंजाब पुलिस को बताते कि यहां बम हैं.सीएम ने आरोप लगाते हुए कहा कि, क्या वे (बाजवा) बम फटने और लोगों के मरने का इंतजार कर रहे थे ताकि उनकी राजनीति चलती रहे? उन्होंने यह भी पूछा कि, अगर यह झूठ है, तो क्या वे ऐसी बातें कहकर पंजाब में आतंक फैलाना चाहते हैं.
मैं अपने बयान पर कायम हूं, सूत्र नहीं बताऊंगा, बाजवा ने कहा
बाजवा ने कहा कि, सीएम मान अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं. अगर मुख्यमंत्री उनके खिलाफ मामला दर्ज करना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है. बाजवा ने कहा कि, वे एक संवैधानिक पद पर हैं और उनके पास संवेदनशील जानकारी है. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने बयान पर कायम हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि, वे अपने सूत्रों का खुलासा नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री को शासन पर ध्यान देना चाहिए और वैध चिंता जताने वालों को निशाना बनाने के बजाय सीमा पार से खतरों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए.
बिक्रम मजीठिया की एंट्री
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ने कहा कि, सरकार को विपक्ष के नेता प्रताप बाजवा द्वारा सरकार को दी गई जानकारी पर कार्रवाई करनी चाहिए. मजीठिया ने कहा, “जो व्यक्ति कानून व्यवस्था की बात करता है, सरकार उसके गले पड़ जाती है. उन्होंने कहा कि, मजीठा विधानसभा क्षेत्र में 17 धमाके और एक हत्या हुई है, इसलिए पुलिस को इसका खुलासा करना चाहिए और पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति पर पर्दा नहीं डालना चाहिए.
कांग्रेस सांसद, विधायक बाजवा के समर्थन में आए
वहीं इस पूरे मामले में कांग्रेस के सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता आज पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के समर्थन में आ गए. कांग्रेस के सांसदों, विधायकों और नेताओं ने आप सरकार से कहा कि, पंजाब में शांति और सद्भाव के लिए उत्पन्न गंभीर खतरे से लोगों का ध्यान न भटकाए. उन्होंने कहा कि बाजवा ने जो खुलासा किया है, वह पहले से ही सार्वजनिक है और कई दिनों से विभिन्न समाचार पत्रों में इसकी खबरें आ रही है.
नेताओं ने पुलिस थानों, धार्मिक स्थलों और एक वरिष्ठ भाजपा नेता के आवास पर ग्रेनेड हमलों और बाबा साहब अंबेडकर की मूर्तियों को अपवित्र करने की बीस से अधिक घटनाओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया. सरकार के कठोर रवैये और बाजवा को धमकाने व फंसाने के प्रयासों की निंदा करते हुए कांग्रेस नेताओं ने सरकार से कहा कि उसे उसके अपराधों से कोई नहीं बचा सकता.