ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
चीफ एडिटर प्रवीण सैनी
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश महामंत्री अवध क्षेत्र प्रभारी संजय राय ने आज हलवासीया कोर्ट हजरतगंज में वक्फ सुधार जन जागरण अभियान पर आयोजित प्रेस वार्ता और उसके उपरांत कार्यशाला को संबोधित किया। महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग, अंजनी श्रीवास्तव, अशोक तिवारी, सौरभ वाल्मीकि, शादाब आलम प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
यशस्वी प्रधानमंत्री मा० नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वक्फ संशोधन बिल दोनों सदनों में पास हो गया है। अब वल्फ बिल को लेकर विपक्ष भ्रांतिया फैला रहा है। विपक्ष के झूठ और भ्रमजाल को दूर करने के लिए वक्फ सुधार जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसमे हमको बताना है कि किस तरह पूर्व में वक्फ द्वारा पसमांदा मुसलमानों, पिछडे वर्ग के साथ हिन्दू, सिख, ईसाई समाज के धार्मिक स्थलों, जमीनों पर अवैध कब्जा था। विधेयक से बौखलाकर विपक्ष वक्फ जमीनों पर कब्जा बनाये रखाने के लिये तरह-तरह के हथकडे अपना रहा है। सपा और कांग्रेस के घिनौने कृत्य को उजागर करने एवं अल्पसंख्यकों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए वक्फ सुधार जन जागरण अभियान प्रदेश स्तर पर चलाना है। जिसमें संपर्क, संवाद एवं मीडिया सोशल मीडिया के द्वारा वक्फ सुधार अभियान को मुस्लिम समाज को समझता है।
अभियान के तहत टाउन हॉल कार्यक्रम किए जाएंगे जिसमें प्रभावशाली मुस्लिम गुरुओं प्रमुखों से संपर्क संवाद व महिला मोर्चा द्वारा मुस्लिम अल्पसंख्यक प्रभावी महिलाओं से संपर्क करके वक्फ संशोधन की उपयोगिता को बताना है।
कांग्रेस सरकार ने वक्फ में ऐसे संशोधन किए जिसमें पूरे देश में अफरा तफरी का माहौल बन गया। 2013 में केंद्र की कांग्रेस सरकार ने उसमें यह पावर दिया कि कोई भी मुस्लिम समाज का व्यक्ति अगर कह दे कि मै इस फला जमीन पर मैने नमाज पढ़ा है यह फला जमीन वक्फ़ की है चाहे उसके पास कोई कागज ना हो तो वह जमीन वक़्फ़ की मान ली जाती थी। सामान्य रूप से रेवेन्यू का कोई भी विषय या विवाद आता है ,तो रेवेन्यू का जो अधिकारी होता है वह होता है उप जिला अधिकारी , उप जिलाधिकारी उसके बाद जिलाधिकारी उसके बाद कमिश्नर फिर रिवेन्यू बोर्ड होता है साथ ही तमाम जमीन और प्रॉपर्टी के मामले में सिविल कोर्ट भी है ,हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट।लेकिन वक्फ में भारत की कोई भी कोर्ट सुनवाई नहीं कर सकती है। डीएम कमिश्नर सुनवाई नहीं कर सकते हैं और इसके कारण पूरे देश में वक़्फ़ का एक आतंक खड़ा हो गया था। उस आतंक को रोकने के लिए कानून बनाया गया लेकिन जो देश में वक़्फ़ की संपत्तियां इकट्ठा हो रही थी या देश में जो वक़्फ़ की संपत्तियां हैं वह संपत्तियां साढ़े सैंतीस लाख हैं अगर उसमें सही आमदनियां देखा जाए उन संपत्तियों का सही से प्रबंध किया जाए तो साल में 1 लाख करोड़ की आमदनी होगी। लेकिन सारी संपत्तियां भू माफियाओं के पास है उसमें केवल मुसलमान नहीं है उसमें कांग्रेस के हिंदू नेता भी हैं । तमाम मुस्लिम नेताओं के पास संपत्तियां हैं मुस्लिम धर्म गुरुओं के पास संपत्तियां है वक्फ का मतलब होता है दान ,दान किस लिए जो मुस्लिम समाज का गरीब व्यक्ति है जो गरीब विद्यार्थी है कोई गरीब महिला है कोई बेवा महिला है उनके उत्थान के लिए उनके भरण पोषण के लिए वक्त की संपत्ति का उपयोग होता तो आप सोचिए 1 लाख करोड रुपए साल में आए और उसका सही से उपयोग हो तो कितने शैक्षिक संस्थान बन सकते हैं अस्पताल बन सकते हैं कितने लोगों की सही से शादी हो सकती है कितने लोगों का वजीफा मिल सकता है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। वक्फ बोर्ड और सी डब्लू सी सेंट्रल वक्फ कमेटी पूरे देश में धांधली फैलाए हुए हैं। पूरे देश में आतंक मचाए हुए थे और जिनके लिए वक़्फ़ बना था उनको इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है और अब जब उनके अधिकार कमजोर पड़ रहे हैं जमीन और प्रॉपर्टी लूटने पर रोक लग रही है तो इन सारे माफियाओं ने मिलकर दुष्प्रचार किया। वह सामान्य मुसलमान को बरगला ला रहे हैं कि तुम्हारे जितनी मस्जिद है, जितने मदरसे हैं, जितने कब्रिस्तान है जितने ईदगाह है उसको सरकार ले लेगी यह झूठ फैलाया गया है।
ऐसा कहीं कुछ नहीं है ना सरकार किसी की मस्जिद लगी ना मदरसे लेगी ना कब्रिस्तान लेगी ना किसी स्कूल को।
बल्कि जो लोग दबा करके बैठे हैं कुंडली मार करके बड़े-बड़े मुस्लिम लीडर उनके में नाम नहीं लूंगा ओवैसी साहब के पास 10000 करोड़ की संपत्ति है केवल कर्नाटक में 2 लाख एकड़ कीमती जमीन बेची गई जो की 2 लाख करोड़ की संपत्ति थी और वक़्फ़ के खाते में कुछ हजार रुपए ही गये। यह पैसा वक्फ बोर्ड के सदस्य, मुतबल्ली यह सब मिलकर पैसे की बंदर बांट करते हैं और वहीं कानून को रोकने के लिए अराजकता फैलाते हैं । अब जो प्रॉपर्टी वक्फ के पास है सरकार इसका प्रबंधन करेगी ठीक ढंग से आय हो और जो मुस्लिम समाज के गरीब लोग हैं उसके लिए इसका प्रयोग हो।
मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग ने बताया कि कार्यशाला में अल्पसंख्यक मोर्चा महानगर अध्यक्ष शादाब आलम , मोहम्मद अनीश, शेर अली खान, एम ए खान और शहनाज बानो सहित, रजनीश गुप्ता, जया शुक्ला, घनश्याम अग्रवाल, राकेश सिंह, अभिषेक खरे सहित बड़ी संख्या में महानगर पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, पार्षद और कार्यकर्ता उपस्थित रहे